{"_id":"5986d3074f1c1bda4c8b493b","slug":"unique-event-the-biggest-book-released-by-the-youngest-woman","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"24 इंच की महिला ने 51 फुट की किताब का किया विमोचन, बना रिकॉर्ड ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
24 इंच की महिला ने 51 फुट की किताब का किया विमोचन, बना रिकॉर्ड
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 06 Aug 2017 02:32 PM IST
विज्ञापन
दुनिया की सबसे बड़ी किताब का विमोचन करती सबसे छोटी महिला
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उम्र 24 साल। नाम ज्योति आगमे। लंबाई महज 24 इंच, यह है दुनिया की सबसे छोटी महिला। आगमे ने आज एक अनूठे कार्यक्रम में दुनिया की सबसे बड़ी किताब का विमोचन किया।
विमोचन कार्यक्रम में जो भी आया दंग रह गया। यह यादगार कार्यक्रम सीकर के रामलीला मैदान में आयोजित किया गया। दुनिया की सबसे बड़ी 51 फीट ऊंची किताब कड़वे प्रवचन को जैन संत आचार्य तरुण सागर महाराज ने लिखी है। विमोचन के समय पूरा मैदान जय जिनेंद्र के नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। इससे पहले जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने पुस्तक की जानकारी देते हुए बताया कि कड़वे प्रवचनों की नवीं श्रंखला में दैनिक जीवन में मार्गदर्शन करने वाली छोटी छोटी बातों का समावेश किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विमोचन कार्यक्रम में जो भी आया दंग रह गया। यह यादगार कार्यक्रम सीकर के रामलीला मैदान में आयोजित किया गया। दुनिया की सबसे बड़ी 51 फीट ऊंची किताब कड़वे प्रवचन को जैन संत आचार्य तरुण सागर महाराज ने लिखी है। विमोचन के समय पूरा मैदान जय जिनेंद्र के नारों से गूंज उठा।
विज्ञापन
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। इससे पहले जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने पुस्तक की जानकारी देते हुए बताया कि कड़वे प्रवचनों की नवीं श्रंखला में दैनिक जीवन में मार्गदर्शन करने वाली छोटी छोटी बातों का समावेश किया गया है।
विज्ञापन
इसलिए जरुरी है कड़वे वचन
जैन मुनि तरुण सागर
विश्व की सबसे छोटी महिला से पुस्तक का विमोचन करवाने का उद्देश्य समाज को कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश देना है।
जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने कहा कि आज समाज को मीठे नहीं वरन कड़वे प्रवचनों की जरूरत है। मीठे प्रवचन सुनने में अच्छे लगते है , लेकिन कड़वे प्रवचन भले ही कर्ण प्रिय ना हो लेकिन वे समाज के लिए लाभकारी होते हैं। जिस तरह कड़वी दवा असरकारक होती है और रोग को जड़ से ख़त्म कर देती है उसी तरह कड़वे प्रवचन सुनने वालों के मन और विचार को शुद्ध कर देते हैं। महाराज ने माता पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए कहा कि चाहे जितने तीर्थ कर लो, रोजे रखो, मां बाप की सेवा के बिना जन्नत नहीं मिल सकती।
जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने कहा कि आज समाज को मीठे नहीं वरन कड़वे प्रवचनों की जरूरत है। मीठे प्रवचन सुनने में अच्छे लगते है , लेकिन कड़वे प्रवचन भले ही कर्ण प्रिय ना हो लेकिन वे समाज के लिए लाभकारी होते हैं। जिस तरह कड़वी दवा असरकारक होती है और रोग को जड़ से ख़त्म कर देती है उसी तरह कड़वे प्रवचन सुनने वालों के मन और विचार को शुद्ध कर देते हैं। महाराज ने माता पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए कहा कि चाहे जितने तीर्थ कर लो, रोजे रखो, मां बाप की सेवा के बिना जन्नत नहीं मिल सकती।