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आठ मिनट में नाक से अनोखी क्रिया, बन गया गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 15 Sep 2017 05:38 PM IST
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आठ मिनट तक नस्य कर्म क्रिया
- फोटो : Amar Ujala
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राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में आयुर्वेद से जुड़े 732 छात्रों ने 8 मिनट तक नाक से अनोखी क्रिया कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवा लिया।
आयुष मंत्रालय व नेशनल आयुर्वेद स्टूडेंट एडं यूथ एसोसिएशन की ओर से जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में तीन दिवसीय युवा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 22 राज्यों के 26 हजार प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। प्रभारी डॉ. गोपेश मंगल ने बताया कि महोत्सव के तहत आज 732 आयुर्वेद छात्र-छात्राओं ने आठ मिनट तक एक साथ नस्य कर्म क्रिया की। पंचकर्म से इलाज की इस विधि से नाक में दो बूंद तेल या घी की डालकर सर्दी, जुकाम, अस्थमा जैसी बीमारी का इलाज किया जाता है।
यह नस्यकर्म क्रिया सुबह 9:20 से लेकर 9:28 बजे तक चला। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
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आयुष मंत्रालय व नेशनल आयुर्वेद स्टूडेंट एडं यूथ एसोसिएशन की ओर से जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में तीन दिवसीय युवा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 22 राज्यों के 26 हजार प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। प्रभारी डॉ. गोपेश मंगल ने बताया कि महोत्सव के तहत आज 732 आयुर्वेद छात्र-छात्राओं ने आठ मिनट तक एक साथ नस्य कर्म क्रिया की। पंचकर्म से इलाज की इस विधि से नाक में दो बूंद तेल या घी की डालकर सर्दी, जुकाम, अस्थमा जैसी बीमारी का इलाज किया जाता है।
यह नस्यकर्म क्रिया सुबह 9:20 से लेकर 9:28 बजे तक चला। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
एनआईए देश का पहला संस्थान है जिसे एनएबीएच प्रमाण पत्र मिला
नस्य कर्म क्रिया
- फोटो : Amar Ujala
एनआईए संस्थान के निदेशक डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि गिनीज बुक की टीम के सदस्यों ने ड्रोन कैमरे से रिकार्डिंग की। जिसमें नस्य क्रिया की प्रोटोकोल गाइडलाइन पालना को भी देखा गया। युवा महोत्सव के मीडिया प्रवक्ता डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद युवा महोत्सव में आयुष पद्धति से जुड़ी आठ बड़ी प्रतियोगिताएं होंगी।
जिनमें आयुर्वेद छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे। महोत्सव के दौरान क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के एनएबीएच की निदेशक डॉ. गायत्री ने एनआईए के डायरेक्टर डॉ. संजीव शर्मा को एनएबीएच प्रमाण पत्र भी जारी किया। एनआईए देश का पहला संस्थान है जिसे एनएबीएच प्रमाण पत्र मिला है। इससे मरीजों को गुणवत्ता से युक्त इलाज के साथ सुरक्षा मिलेगी।
जिनमें आयुर्वेद छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे। महोत्सव के दौरान क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के एनएबीएच की निदेशक डॉ. गायत्री ने एनआईए के डायरेक्टर डॉ. संजीव शर्मा को एनएबीएच प्रमाण पत्र भी जारी किया। एनआईए देश का पहला संस्थान है जिसे एनएबीएच प्रमाण पत्र मिला है। इससे मरीजों को गुणवत्ता से युक्त इलाज के साथ सुरक्षा मिलेगी।