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इनके लिए बारिश 'कहर' नहीं, बन गई मौज-मस्ती
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 30 Jul 2017 03:21 PM IST
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गोरम घाट के जोग मंडी वॉटर फॉल
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दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश के कहर से लोग परेशान है वहीं दूसरी तरफ सैलानियों की मौज हो रही है। बारिश के बाद हरी-भरी हुई वादियों और लबालब हुई झीलों का नजारा सैलानी को खूब लुभा रहा है।
यही वजह है कि बारिश के दौरान मौज-मस्ती के करने के लिए पर्यटक स्थलों पर लोग उमड़ रहे हैं। झीलों की नगरी उदयपुर में देसी-विदेशी पर्यटकों का जमघट लगा हुआ है। स्थानीय निवासी भी पिकनिक मनाने पहुंच रहे है। शनिवार और रविवार को तो इन स्थानों पर रेलमपेल देखते ही बन रही थी।
वन विभाग वाइल्डलाइफ विंग के तत्वाधान में करीब 60 से ज्यादा पर्यावरण प्रेमियों को गोरम घाट के जोग मंडी वॉटर फॉल का भ्रमण कराया गया। इन दिनों पर्यटक कई मीटर की ऊंचाइयों से गिरने वाले इस वॉटर फॉल का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। पहाड़ों से नीचे उतरे बादलों के बीच गोरम घाट की पहाड़ियां किसी स्वर्ग से कम नहीं लग रही हैं। वन विभाग की ओर से इन दिनों पर्यटकों एवं वन्यजीव प्रेमियों को वन्यजीव एक्सपर्ट अनिल राठौड़ यहां के वन्यजीवों के बारे में बताया।
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यही वजह है कि बारिश के दौरान मौज-मस्ती के करने के लिए पर्यटक स्थलों पर लोग उमड़ रहे हैं। झीलों की नगरी उदयपुर में देसी-विदेशी पर्यटकों का जमघट लगा हुआ है। स्थानीय निवासी भी पिकनिक मनाने पहुंच रहे है। शनिवार और रविवार को तो इन स्थानों पर रेलमपेल देखते ही बन रही थी।
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वन विभाग वाइल्डलाइफ विंग के तत्वाधान में करीब 60 से ज्यादा पर्यावरण प्रेमियों को गोरम घाट के जोग मंडी वॉटर फॉल का भ्रमण कराया गया। इन दिनों पर्यटक कई मीटर की ऊंचाइयों से गिरने वाले इस वॉटर फॉल का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। पहाड़ों से नीचे उतरे बादलों के बीच गोरम घाट की पहाड़ियां किसी स्वर्ग से कम नहीं लग रही हैं। वन विभाग की ओर से इन दिनों पर्यटकों एवं वन्यजीव प्रेमियों को वन्यजीव एक्सपर्ट अनिल राठौड़ यहां के वन्यजीवों के बारे में बताया।
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यहां पहुंचकर जाना दिवेर की लड़ाई का इतिहास
बारिश में भीगते हुए उदयपुर का गौरवपूर्ण इतिहास जानते ट्यूरिस्ट
- फोटो : amar ujala
एक्सपर्ट्स के साथ वन्यजीव प्रेमियों की टीम दिवेर पहुंची जहां डॉ.उपाध्याय ने सभी को दिवेर युद्ध में महाराणा प्रताप की गौरव गाथा के बारे में बताया। उदयपुर के मुख्य वन संरक्षक एवं वन्य जीव प्रतिपालक उदयपुर राहुल भटनागर ने बताया कि विभाग द्वारा यह कार्यक्रम 16 जुलाई से शुरू किया गया है।
इसके तहत प्रत्येक शनिवार व रविवार को एकदिवसीय वन भ्रमण प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स के सहयोग से विभाग द्वारा निर्धारित दरों पर करवाया जाता है । ट्यूर में अरावली की वादियों के वन्यजीव अभ्यारण्यों, ऐतिहासिक स्थानों आदि का भ्रमण करवाया जाता है।
इसके तहत प्रत्येक शनिवार व रविवार को एकदिवसीय वन भ्रमण प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स के सहयोग से विभाग द्वारा निर्धारित दरों पर करवाया जाता है । ट्यूर में अरावली की वादियों के वन्यजीव अभ्यारण्यों, ऐतिहासिक स्थानों आदि का भ्रमण करवाया जाता है।