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National Cancer Awareness Day:जानिए भारत में क्यों होती है कैंसर से सबसे ज्यादा मौतें

Tue, 07 Nov 2017 03:27 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Tue, 07 Nov 2017 03:27 PM IST
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today is National Cancer Awareness Day
cancer
लाइफ स्टाइल में बदलाव मधुमेह, डायबिटीज  के साथ—साथ कैंसर को भी जन्म दे रहा है। वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि भारत में हर साल पांच लाख लोग कैंसर की वजह से अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। 
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महिला और पुरुषों, दोनों में ही साल दर साल कैंसर  बढ़ता जा रहा है। पुरुषों में होंठ, मुख और गले का कैंसर बढ़ रहा है वहीं, महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे है। लाइफ स्टाइल में बदलाव के साथ ही जागरुकता की कमी भी कैंसर बढ़ने का कारण है। 
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यहीं वजह है कि कैंसर रोगी को रोग का पता इसके बढ़ने के बाद चलता है। कैंसर रोग मुख्य रूप से चार अवस्थाओं में होता है। प्रथम और दूसरी अवस्था में रोग की पहचान हो जाने और उपचार की शुरुआत हो जाने पर रोगी को कैंसर मुक्त करना संभव होता है, वहीं तीसरी या अंतिम अवस्था में उपचार की शुरुआत से रोगी की मृत्युदर बढ़ जाती है। जागरुकता की कमी के कारण देश में अधिकांश रोगियों में रोग की पहचान तीसरी या अंतिम अवस्था में होती है। 
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गले व मुंह के कैंसर के रोगी है सबसे ज्यादा

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महिला की जांच करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
यहीं कारण है कि अन्य देशों के मुकाबले भारत में कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या सर्वाधिक है। पुरुषों में होठ, मुंह और गले का कैंसर तेजी से फैल रहा है। आलम यह है कि देश में सर्वाधिक कैंसर के रोगी इसी श्रेणी के हैं। भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय एवं अनुसंधान क्रेन्द्र के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. नरेश सोमानी का कहना है कि होठ और मुंह के कैंसर का मुख्य कारण तम्बाकू है। भारतीय पुरुषों में सिगरेट, बीड़ी के साथ ही खैनी, पान-मसाला खाने की आदत अधिक होती है। यह मुंह के कैंसर का कारण बनता है। राजस्थान में साल दर साल इसके रोगी बढ़ते जा रहे हैं।

रेडिएशन ऑनकोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. निधि पाटनी का कहना है कि महिलाओं में स्तन कैंसर और जननागों का कैंसर सबसे ज्यादा होता है। इन दोनों कैंसर के होने के कारणों में 20 फीसदी कारण आनुवांशिक होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि जिन परिवारों में स्तन कैंसर का रोगी रहा हो उन परिवार की महिलाओं 35 की उम्र के बाद साल में एक बार कैंसर रोग विशेषज्ञ से जरूरी जांच करवानी चाहिए। स्तन कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पाटनी ने बताया कि साल में करीब 1500 स्तन कैंसर के रोगी चिकित्सालय में पहुंच रहे हैं। वहीं महिला जननागों के कैंसर के करीब एक हजार रोगी पहुंच रहे हैं।
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