{"_id":"5a8ffc684f1c1b28428b6e97","slug":"this-man-journey-of-15-thousand-kilometers-to-aware-blood-donation","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आपके खून की कीमत बताने के लिए 15 हजार किलोमीटर की यात्रा पर निकला यह शख्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपके खून की कीमत बताने के लिए 15 हजार किलोमीटर की यात्रा पर निकला यह शख्स
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 23 Feb 2018 05:17 PM IST
विज्ञापन
अजमेर पहुंचे किरण का स्वागत करते लोग
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपका खून कितना कीमती है, यह बताने के लिए एक शख्स 15 हजार किलोमीटर तक की पैदल यात्रा पर निकला है।
दरअसल, दिल्ली निवासी किरण वर्मा 15 हजार किलोमीटर की यात्रा के दौरान आज अजमेर पहुंचे और सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में हाजिरी दी। किरण वर्मा ने बताया कि रक्त नहीं मिलने के अभाव में होने वाली मौतों को रोकने के लिए उन्होंने यह यात्रा शुरू की है। 15 हजार किलोमीटर की यात्रा उन्होंने 26 जनवरी को श्रीनगर के लाल चौक से शुरू की थी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान वह करीब एक लाख विद्यार्थियों को रक्तदान का महत्व बता चुके हैं।
साथ ही, उनके द्वारा बनाए गए सिंपली ब्लड नामक ऐप की भी जानकारी दे रहे हैं। इस ऐप से वर्तमान में 182 देशों के लगभग 18 हजार लोग जुड़ चुके हैं।
विज्ञापन
दरअसल, दिल्ली निवासी किरण वर्मा 15 हजार किलोमीटर की यात्रा के दौरान आज अजमेर पहुंचे और सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में हाजिरी दी। किरण वर्मा ने बताया कि रक्त नहीं मिलने के अभाव में होने वाली मौतों को रोकने के लिए उन्होंने यह यात्रा शुरू की है। 15 हजार किलोमीटर की यात्रा उन्होंने 26 जनवरी को श्रीनगर के लाल चौक से शुरू की थी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान वह करीब एक लाख विद्यार्थियों को रक्तदान का महत्व बता चुके हैं।
साथ ही, उनके द्वारा बनाए गए सिंपली ब्लड नामक ऐप की भी जानकारी दे रहे हैं। इस ऐप से वर्तमान में 182 देशों के लगभग 18 हजार लोग जुड़ चुके हैं।
अब तक 40 बार रक्तदान
अजमेर में पहुंचा किरण(गोले में)
- फोटो : amar ujala
वर्मा ने जिला कलक्टर गौरव गोयल से भी मुलाकात की और अपने उद्देश्य के बारे में बताया। किरण ने बताया कि नाको (नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन) की रिपोर्ट के अनुसार देश में प्रतिदिन 12 हजार से ज्यादा लोग रक्त की कमी के चलते मृत्यु का शिकार हो जाते हैं।
ऐसे लोगों के जीवन को बचाने के लिए ही वे इस यात्रा पर निकले हैं ताकि रक्तदान के लिए लोग जागरूक हो सकें और जरूरतमंद को रक्त मिल सके। किरण ने बताया कि एकबार उन्हें दलालों के हाथों रक्त बेचने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने शिक्षण संस्थान में मार्केटिंग हैड की नौकरी छोड़कर पूरी तरह से रक्तदान के प्रति अलख जगाना शुरू कर दिया। वे खुद अब तक 40 बार रक्तदान कर चुके हैं।
ऐसे लोगों के जीवन को बचाने के लिए ही वे इस यात्रा पर निकले हैं ताकि रक्तदान के लिए लोग जागरूक हो सकें और जरूरतमंद को रक्त मिल सके। किरण ने बताया कि एकबार उन्हें दलालों के हाथों रक्त बेचने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने शिक्षण संस्थान में मार्केटिंग हैड की नौकरी छोड़कर पूरी तरह से रक्तदान के प्रति अलख जगाना शुरू कर दिया। वे खुद अब तक 40 बार रक्तदान कर चुके हैं।