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स्कूल वाले बोले साइकिल लौटाओ, तो धरने पर बैठी छात्रा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 02 Aug 2017 03:30 PM IST
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धरने पर बैठी छात्रा
- फोटो : amar ujala
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यह छात्रा सरकारी स्कूल से अपना नाम कटवाना चाहती है। इसकी वजह भी उसने बताई। जब टीसी नहीं दी तो वह स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गई।
दरअसल, अलवर के मुंशी बाग स्थित देवीजी की गली सीनियर सैकंडरी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा प्रिया शर्मा आज टीसी की मांग को लेकर स्कूल गेट पर धरने पर बैठ गई। छात्रा का आरोप है कि विद्यालय प्राचार्या सरकार द्वारा दी गई साइकिल को वापस लेने की मांग कर रही है। साइकिल नहीं देने पर साइकिल की राशि ढाई हजार रुपए भी मांगी जा रही है।
छात्रा का कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई ठीक तरह से नहीं कराई जाती। ऐसे में उनका भविष्य खराब हो रहा है। हकीकत यह है कि छात्राएं सरकारी विद्यालयों में तो पढ़ती हैं, लेकिन उन्हें पास होने के लिए कोचिंग का सहारा लेना पड़ता है।
यही कारण है कि छात्रा ने स्कूल से अपनी टीसी कटवाने की बात विद्यालय प्राचार्या संगीता मीणा से कही, लेकिन उन्होंने छात्रा को टीसी देने से मना कर दिया। उनका कहना है कि जब तक छात्रा साइकिल जमा नहीं कराती तब तक उसे टीसी किसी भी सूरत में नहीं दी जाएगी।
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उधर, इस सम्बंध में विद्यालय प्राचार्या संगीता मीणा का कहना है कि सरकार के आदेश है कि नवीं कक्षा में दी गई साइकिल को लेने वाले छात्र-छात्रा 4 साल तक विद्यालय में अध्ययन करेंगे। यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्हें साइकिल वापस जमा करानी होगी या साइकिल का मूल्य जमा कराना होगा।
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दरअसल, अलवर के मुंशी बाग स्थित देवीजी की गली सीनियर सैकंडरी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा प्रिया शर्मा आज टीसी की मांग को लेकर स्कूल गेट पर धरने पर बैठ गई। छात्रा का आरोप है कि विद्यालय प्राचार्या सरकार द्वारा दी गई साइकिल को वापस लेने की मांग कर रही है। साइकिल नहीं देने पर साइकिल की राशि ढाई हजार रुपए भी मांगी जा रही है।
छात्रा का कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई ठीक तरह से नहीं कराई जाती। ऐसे में उनका भविष्य खराब हो रहा है। हकीकत यह है कि छात्राएं सरकारी विद्यालयों में तो पढ़ती हैं, लेकिन उन्हें पास होने के लिए कोचिंग का सहारा लेना पड़ता है।
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यही कारण है कि छात्रा ने स्कूल से अपनी टीसी कटवाने की बात विद्यालय प्राचार्या संगीता मीणा से कही, लेकिन उन्होंने छात्रा को टीसी देने से मना कर दिया। उनका कहना है कि जब तक छात्रा साइकिल जमा नहीं कराती तब तक उसे टीसी किसी भी सूरत में नहीं दी जाएगी।
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उधर, इस सम्बंध में विद्यालय प्राचार्या संगीता मीणा का कहना है कि सरकार के आदेश है कि नवीं कक्षा में दी गई साइकिल को लेने वाले छात्र-छात्रा 4 साल तक विद्यालय में अध्ययन करेंगे। यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्हें साइकिल वापस जमा करानी होगी या साइकिल का मूल्य जमा कराना होगा।