{"_id":"5925975a4f1c1be43b5367ea","slug":"the-onion-is-very-powerful","type":"story","status":"publish","title_hn":"GRAM 2017: प्याज बहुत पावरफुल है, चुनाव तक हरवा चुका है - नायडू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
GRAM 2017: प्याज बहुत पावरफुल है, चुनाव तक हरवा चुका है - नायडू
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 24 May 2017 07:53 PM IST
विज्ञापन
ग्राम 2017
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कोटा में ग्राम 2017 की शुरुआत के अवसर पर प्याज की ताकत को याद किया। उन्होंने कहा कि प्याज काफी पावरफुल है, एक बार चुनाव तक हरवा चुका है।
नायडू बुधवार को कोटा स्थित आरएसी ग्राउण्ड में ग्राम-2017 में बोल रहे थे। उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि एक बार प्याज के दाम बढ़ गए थे, जिससे हम सरकार से हाथ धो बैठे थे। उन्होंने कहा कि नायडू ने कहा प्याज हो या आलू-टमाटर किसानों को दाम नहीं मिलते और दलाल सारा मुनाफा खा जाते हैं। जहां इनकी पैदावार होती है, वहां ये रुपए-दो-रुपए किलो बिकते हैं, लेकिन दिल्ली-मुम्बई जैसे शहरों में ये बीस रुपए किलो तक बिकते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने किसानों और कृषि पर ध्यान नहीं दिया। कृषि के क्षेत्र में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। डॉक्टर अपने बेटे को डॉक्टर और इंजीनियर अपने बेटे को इंजीनियर बनाना चाहता है, लेकिन किसान अपने बेटे को किसान नहीं बनाना चाहता। किसानों को लगता है कि खेती फायदे का काम नहीं है। पुरानी सरकारों के ध्यान नहीं देने के कारण देश में यह धारणा बन चुकी है कि कृषि लाभ का व्यवसाय नहीं है, हमें इस धारणा को तोड़ना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नायडू बुधवार को कोटा स्थित आरएसी ग्राउण्ड में ग्राम-2017 में बोल रहे थे। उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि एक बार प्याज के दाम बढ़ गए थे, जिससे हम सरकार से हाथ धो बैठे थे। उन्होंने कहा कि नायडू ने कहा प्याज हो या आलू-टमाटर किसानों को दाम नहीं मिलते और दलाल सारा मुनाफा खा जाते हैं। जहां इनकी पैदावार होती है, वहां ये रुपए-दो-रुपए किलो बिकते हैं, लेकिन दिल्ली-मुम्बई जैसे शहरों में ये बीस रुपए किलो तक बिकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने किसानों और कृषि पर ध्यान नहीं दिया। कृषि के क्षेत्र में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। डॉक्टर अपने बेटे को डॉक्टर और इंजीनियर अपने बेटे को इंजीनियर बनाना चाहता है, लेकिन किसान अपने बेटे को किसान नहीं बनाना चाहता। किसानों को लगता है कि खेती फायदे का काम नहीं है। पुरानी सरकारों के ध्यान नहीं देने के कारण देश में यह धारणा बन चुकी है कि कृषि लाभ का व्यवसाय नहीं है, हमें इस धारणा को तोड़ना होगा।
विज्ञापन