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स्वामी विवेकानंद ने शिकागो जाने से पहले इस छतरी पर लगाया था 'ध्यान'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 12 Jan 2018 05:25 PM IST
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छतरी
- फोटो : अमर उजाला
स्वामी विवेकानंद का जयपुर और अलवर से गहरा नाता रहा है। स्वामी जी शिकागो जाते समय यहां रुके थे। इस दौरान वे जिस कमरे में ठहरे और जिस छतरी में उन्होंने ध्यान लगाया, वो आज भी उनकी मौजूदगी की गवाही दे रही है।
आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है। विश्व धर्म सम्मेलन में हिस्सा लेने जब स्वामीजी शिकागो जा रहे थें तो वे अलवर और जयपुर में रुके। जानकारी के अनुसार, 25 फरवरी 1891 को वे अलवर पहुंचे और यहां विश्राम किया। उनका स्वागत अलवर के महाराजा ने किया।
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आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है। विश्व धर्म सम्मेलन में हिस्सा लेने जब स्वामीजी शिकागो जा रहे थें तो वे अलवर और जयपुर में रुके। जानकारी के अनुसार, 25 फरवरी 1891 को वे अलवर पहुंचे और यहां विश्राम किया। उनका स्वागत अलवर के महाराजा ने किया।
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आज भी लगी है वहां तस्वीर
कमरे में लगी तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
वर्तमान में इस भवन में सीएमएचओ कार्यालय है। यूआईटी करीब 25 लाख रुपए खर्च कर इसे स्मारक का रुप देने की तैयारी कर रही है। यहां पर उनकी आदमकद प्रतिमा भी स्थापित होगी। यहां एक कमरे में उनकी तस्वीर भी लगी हुई है।
स्वामी विवेकानंद का जयपुर से भी गहरा नाता रहा है। यहां परकोटे के बाहर चांदपोल दरवाजा के पास खेतड़ी हाउस उनकी जयपुर यात्रा का गवाह है। दरअसल, उनके खेतड़ी के राजा अजीतसिंह से गहरे संबंध थे। अजीतसिंह उन्हें काफी मानते थे। जयपुर आए तब उन्होंने विवेकानंद को जयपुर में निजी निवास खेतड़ी हाउस में ठहराया और उनसे धर्म का उपदेश ग्रहण किया था।
स्वामी विवेकानंद का जयपुर से भी गहरा नाता रहा है। यहां परकोटे के बाहर चांदपोल दरवाजा के पास खेतड़ी हाउस उनकी जयपुर यात्रा का गवाह है। दरअसल, उनके खेतड़ी के राजा अजीतसिंह से गहरे संबंध थे। अजीतसिंह उन्हें काफी मानते थे। जयपुर आए तब उन्होंने विवेकानंद को जयपुर में निजी निवास खेतड़ी हाउस में ठहराया और उनसे धर्म का उपदेश ग्रहण किया था।