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एक और युवक की मौत बनी पहेली, आमने-सामने हुए पुलिस और परिजन

Wed, 29 Nov 2017 06:18 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 29 Nov 2017 06:18 PM IST
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suicide or murder-conflict arise in udaipur after a man found dead in udaipur
उदयपुर के अंबामाता थाने के बाहर जमा भीड़ - फोटो : Amar Ujala
जयपुर के नाहरगढ़ किले पर फंदा लगाने वाले चेतन सैनी के बाद अब एक अन्य मामले में एक युवक की मौत पहली बन गई है। इस मामले में भी पुलिस और परिजन आमने-सामने हो गए हैं।
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ये मामला उदयपुर जिले का है, जहां मंगलवार शाम को फंदे पर लटके मिले एक युवक की मौत का मामला हत्या और आत्महत्या के बीच झूल गया है। मृतक के परिजनों ने मंगलवार शाम से ही इसे हत्या का मामला बताते हुए अम्बामाता थाने में मामला दर्ज करने की मांग शुरू कर दी थी, लेकिन पुलिस इसे आत्महत्या ही बता रही है।
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मामले के तहत मंगलवार शाम भंवर गमेती पुत्र चेतराम गमेती (30) निवासी एकलव्य कॉलोनी उदयपुर की लाश मल्लातलाई निवासी हितेष छाजेड़ के मकान की तीसरी मंजिल पर पंखे से लटकी मिली थी। मृतक के परिजनों का आरोप है कि भंवर गमेती को हितेष छाजेड़ रुपयों की वसूली को लेकर काफी परेशान करता रहता था। कई बार हितेष ने मृतक को गाली-गलौज भी की थी और दोनों में हाथापाई की नौबत भी आई। परिजनों ने मौत के पीछे हितेष का हाथ होने का आरोप लगाया है।
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हम कर दें हत्या, मुआवजा भी दे देंगे

suicide or murder-conflict arise in udaipur after a man found dead in udaipur
अंबामाता थाने के बाहर धरना दिए बैठे मृतक के परिजन - फोटो : Amar Ujala
यह घटनाक्रम आज सुबह और ज्यादा सुलग गया, जब अम्बामाता थाने के बाहर बड़ी संख्या में युवक के परिजन, जानकार व श्रमिक वर्ग के लोग एकत्र हो गए और हत्या का मामला दर्ज नहीं करने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देने पर अड़ गए।

थाने के बाहर आज दोपहर तक लोगों का उग्र प्रदर्शन चला और इस कारण दोनों ओर रास्ता जाम हो गया। इस बीच, जिन पर हत्या के आरोप की बात की जा रही थी उनकी ओर से समझौते के लिए नकद राशि देने की चर्चा छेड़ दी गई तो मामला और भड़क गया। परिजन हत्या का मामला दर्ज कराने और पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए वहीं बैठ गए।

मोर्चरी के बाहर एकत्र भीड़ में भी दो पक्ष बन गए और तनातनी हो गई। पीडि़त पक्ष का यह भी आरोप था कि नेताओं ने हत्या का मामला दर्ज नहीं होने देने का समर्थन किया और जबरन अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया।
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