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JLF-2018: Ex CM शीला दीक्षित ने बताया क्यों थम गई दिल्ली की रफ्तार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 27 Jan 2018 06:10 PM IST
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शीला दीक्षित
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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि जब वो मुख्यमंत्री थी तब केंद्र की भाजपा सरकार का भी साथ मिला और यूपी की मायावती सरकार का भी, क्योंकि दिल्ली के विकास को कोई रोकना नहीं चाहता था।
उन्होंने कहा कि अब स्थितियां वैसी नहीं रही। दिल्ली के विकास की रफ्तार थम गई है। इसमें कुछ भी नया नहीं जुड़ रहा है। मुझे भी पता नहीं कि समझ बन पाएगी या नहीं, लेकिन दिल्ली के विकास के लिए बननी जरूर चाहिए।
शीला दीक्षित ने दिल्ली को लेकर ये पीड़ा यहां जयपुर में लिटरेचर फेस्टिवल में जाहिर की। वे अपनी किताब सिटीजन डेल्ही माई टाइम माई लाइफ के विमोचन के लिए आई जयपुर आई थी। इस दौरान पत्रकार और एंकर विनोद दुआ से संवाद करते हुए शीला दीक्षित ने दिल्ली को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
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उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री थी तो उस समय प्रधानमंत्री थे अटल बिहारी वाजपेयी और वे कहते थे दिल्ली के हित की जो भी बात है, वह हमारे हित की भी है, क्योंकि हमारी सरकार भी यहीं बैठती है। उस समय जो आपसी समझ थी, वह आज नहीं है और इसीलिए दिल्ली रूक गई है।
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उन्होंने कहा कि अब स्थितियां वैसी नहीं रही। दिल्ली के विकास की रफ्तार थम गई है। इसमें कुछ भी नया नहीं जुड़ रहा है। मुझे भी पता नहीं कि समझ बन पाएगी या नहीं, लेकिन दिल्ली के विकास के लिए बननी जरूर चाहिए।
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शीला दीक्षित ने दिल्ली को लेकर ये पीड़ा यहां जयपुर में लिटरेचर फेस्टिवल में जाहिर की। वे अपनी किताब सिटीजन डेल्ही माई टाइम माई लाइफ के विमोचन के लिए आई जयपुर आई थी। इस दौरान पत्रकार और एंकर विनोद दुआ से संवाद करते हुए शीला दीक्षित ने दिल्ली को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
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उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री थी तो उस समय प्रधानमंत्री थे अटल बिहारी वाजपेयी और वे कहते थे दिल्ली के हित की जो भी बात है, वह हमारे हित की भी है, क्योंकि हमारी सरकार भी यहीं बैठती है। उस समय जो आपसी समझ थी, वह आज नहीं है और इसीलिए दिल्ली रूक गई है।
दिल्ली के लिए तब कहते थे-यहां गंवारों की तरह रहते है
शीला दीक्षित
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला ने काॅमन वेल्थ गेम्स की बात भी कहा और कहा कि उस समय की केन्द्र सरकार के दो मंत्रियों ने हमें किसी भी तरह की सहायता देने से मना कर दिया था, लेकिन यह देश का सवाल था और हमने खुद सारी व्यवस्था की। आज मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि ये अब तक के सबसे अच्छे काॅमनवेल्थ गेम्स थे, लेिकन किसी ने हमें धन्यवाद नहीं दिया और तारीफ भी नहीं होने दी गई।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला ने कहा कि मेरा सब कुछ दिल्ली में है। दिल्ली मेरे लिए आशा है सपना है और जो दिल्ली ने दिया वह मुझे कहीं और नहीं मिल सकता था।
उन्होंने कहा कि मेरे बचपन की दिल्ली बहुत शांत थी और यहां बहुत कम चीजें हुआ करती थी। तब लोग कहते थे कि आप तो यहां गंवारों की तरह रहते हो। लाइफ देखनी है तो मुम्बई या कोलकाता जाइए। आज तो दिल्ली से कल्पना के परे जा कर बदल गई।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला ने कहा कि मेरा सब कुछ दिल्ली में है। दिल्ली मेरे लिए आशा है सपना है और जो दिल्ली ने दिया वह मुझे कहीं और नहीं मिल सकता था।
उन्होंने कहा कि मेरे बचपन की दिल्ली बहुत शांत थी और यहां बहुत कम चीजें हुआ करती थी। तब लोग कहते थे कि आप तो यहां गंवारों की तरह रहते हो। लाइफ देखनी है तो मुम्बई या कोलकाता जाइए। आज तो दिल्ली से कल्पना के परे जा कर बदल गई।