पंचायत उपचुनाव में वसुंधरा राजे की किरकिरी, कांग्रेस ने जीती 12 सीट
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भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सोमवार को दिल्ली में बैठक हुई। जिसमें आगामी चुनावों के लिए जीत का मंत्र दिया गया। लेकिन राजस्थान में सोमवार शाम को ही आए पंचायत उपचुनाव के नतीजे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की परेशानी बढ़ाने वाले हैं।
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं की 24 सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि सत्ताधारी भाजपा को 11 सीटों पर जीत मिली है। जिन जिलों में यह उपचुनाव हुए है, वहां भाजपा का अच्छा वर्चस्व माना जाता है। पंचायत उपचुनाव के नतीजों के बाद अब पार्टी के नेताओं को जल्द होने वाले लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव के नतीजों की चिंता सताने लगी है।
इधर, राजस्थान में लगातार महत्वपूर्ण चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन कर रही कांग्रेस के लिए ये कोई बड़ी उपलब्धि नहीं मानी जा सकती, लेकिन ये नतीजे कुछ राहत के छींटे जरूर दे पाएंगे। वह भी तब जब प्रदेश की दो महत्वपूर्ण सीटों पर लोकसभा उपचुनाव होने वाले हैं।
वापसी की उम्मीद कर रही कांग्रेस
गौरतलब है पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का राजस्थान से सूपड़ा साफ हो गया था। कांग्रेस को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी। अब अजमेर और अलवर में लोकसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जबकि भीलवाड़ा के मांडलगढ़ में विधानसभा उपचुनाव होना है।
उपचुनाव के दौरान जनता भाजपा से महंगाई के मुद्दे जवाब चाहेगी। इधर, विपक्षी कांग्रेस पंचायत उपचुनाव के नतीजों को भुनाने में लग गई है। आज ही जयपुर में पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में यूथ कांग्रेस के कार्यकताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेसी बैलगाड़ी पर सवार होकर यूथ कांग्रेस कार्यालय जयपुर से पीसीसी तक गए। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।