पीड़िता ने सुनाई 'IAS' से दहशत की ऐसी दास्तां, सन्न रह जाएंगे आप!
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आईएएस बनाने का झांसा देकर 26 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म मामले में निलम्बित वरिष्ठ आईएएस बीबी मोहंती के चार साल बाद किए गए सरेंडर को पीड़ित युवती ने मिलीभगत और षड्यंत्र करार दिया है।
पीड़िता ने बातचीत में बताया कि मोहंती ने उसे कहीं का नहीं छोड़ा, यहां तक कि उसके गांव जाकर भी उसको और उसके परिवार को बदनाम किया गया। इससे उसे अपना गांव तक छोड़ना पड़ा है। यही नहीं एमबीए पूरा होने के बाद मोहंती ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उसकी एमबीए की डिग्री भी जारी नहीं होने दी है।
पीड़ित युवती ने आरोप लगाया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उस पर काफी दबाव डाल रही थी, इसके अलावा मोहंती के आदमी भी आए दिन आकर राजीनामे करने की बात कह रहे थे।
पीड़िता का आरोप है की मोहंती ने पुलिस वालों से मिलीभगत कर आत्मसमर्पण किया है, ताकि उसको मुकदमे के ट्रायल के दौरान कुछ लाभ मिल सके।
हर महीने बदलनी पड़ती थी जगह और नम्बर
पीड़िता का कहना है कि मोहंती के डर से वह एक जगह कुछ महीने रहने के बाद दूसरी जगह चली जाती है और अपना नंबर भी बदल लेती है। पीड़िता का कहना है कि पुलिस का नेटवर्क इतना विस्तृत होता है कि एक साधारण सा आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर नहीं रह सकता।
पीड़िता का आरोप है कि एक आईएएस स्तर का अधिकारी देश में रहने के बावजूद भी पुलिस चार साल से नहीं पकड़ पाई, ये वास्तव में आश्चर्यजनक है। पीड़िता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि जब वह घटना के बाद जयपुर में रहती थी तो उसने कई बार खुले आम मोहंती को घूमते हुए देखा, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि अदालत की ओर से कुर्की की कार्रवाई करने से पूर्व ही मोहंती ने अपनी संपत्ति को भी ठिकाने लगा दिया।