फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan three Jawan martyred in Sikkim Army Truck Accident

Army Truck Accident: राजस्थान के तीन जवान शहीद, बेटी से पहली बार पापा सुनने की ख्वाहिश लिए अलविदा कह गए मनोज

Sat, 24 Dec 2022 12:22 PM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Sat, 24 Dec 2022 12:22 PM IST
सार

सिक्किम में सेना का ट्रक खाई में गिरने से 16 जवान शहीद हो गए। जिनमें तीन जवान राजस्थान के थे।सूबेदार गुमान सिंह और मनोज कुछ दिन पहले ही छुट्टी मनाकर ड्यूटी पर लौटे थे। उन्होंने अपने परिवार से जल्दी घर आने का वादा किया था लेकिन वो हमेशा के लिए अलविदा कह गए।

विज्ञापन
Rajasthan three Jawan martyred in Sikkim Army Truck Accident
शहीद सूबेदार गुमान सिंह और मनोज - फोटो : Social Media

विस्तार

सिक्किम के जेमा में शुक्रवार को आर्मी का ट्रक खाई में गिर गया था। हादसे में सेना के 16 जवान शहीद हो गए। ट्रक में सवार राजस्थान के तीन जवान भी शहीद हो गए। वहीं चार जवान घायल हो गए। हादसे की सूचना से राजस्थान में शोक की लहर है। तीनों शहीद जोधपुर, जैसलमेर और झुंझुनू के रहने वाले थे। 

विज्ञापन

सिक्किम में आर्मी का एक ट्रक एक मोड़ पर फिसलकर खाई में जा गिरा। हादसे में 16 जवान शहीद हो गए। जिनमें राजस्थान के जैसलमेर के जोगा गांव के रहने वाले सूबेदार गुमान सिंह सोलंकी, जोधपुर के सिपाही सूखाराम और झुंझुनूं के लांस नायक मनोज कुमार की जान चली गई।


पांच दिन पहले ही छुट्टी से वापस गए थे सूबेदार गुमान सिंह

जैसलमेर के जोगा गांव के निवासी सूबेदार 45 वर्षीय गुमान सिंह पांच दिन पहले ही जैसलमेर से छुट्टी से वापस ड्यूटी पर गए थे। गुमान सिंह का शव रविवार तक जैसलमेर पहुंच सकता है। 


दस महीने में होने वाले थे रिटायर

गुमान सिंह के परिवार में मां, पत्नी रेखा कंवर और पांच बच्चे हैं। जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे हैं। गुमान सिंह 27 साल पहले भारतीय सेना में शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि 10 महीने बाद ही वे सेना से रिटायर होने वाले थे। उनके शहीद होने की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बेटी के मुंह से पापा सुनने से पहले ही कह गए अलविदा
वहीं झुंझुनू जिले के रहने वाले मनोज भी हमेशा के लिए अलविदा कह गए हैं। मनोज की शहादत की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मनोज झुंझुनू के सिंघाना पंचायत समिति के मांजरी गांव में रहने वाले थे। वे डेढ महीने पहले ही घर आए थे और छुट्टियां बिताकर वापस ड्यूटी पर गए थे। वे 1871 फील्ड रेजीमेंट में लांस नायक पद पर कार्यरत थे। उनका बड़ा भाई प्रमोद कुमार भी बीएसएफ में तैनात है। 


मनोज का 2018 में विवाह हुआ था। अब उनकी डेढ़ साल की एक बेटी है। वे इस बार जब घर आए थे, तब फरवरी में वापस आने का वादा कर के गए थे। उन्होंने अपनी पत्नी से कहा था कि 'मैं उस दिन की इंतजार कर रहा हूं, जब मेरी बेटी मुझे पहली बार पापा बोलेगी... उससे बड़ा दिन क्या होगा...।' 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed