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अस्पताल गया था थैलेसिमिया पीड़ित युवक, चढ़ा दिया HIV संक्रमित खून!
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 20 Jan 2018 05:26 PM IST
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अस्पताल के बाहर जमा लोग
- फोटो : अमर उजाला
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थैलेसिमिया एक पीड़ित युवक के एचआईजी पॉजिटिव होने का मामला सामने आया है। युवक ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
कोटा के रहने वाले इस पीड़ित युवक के परिजनों ने जेके लोन अस्पताल और एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक प्रशासन पर रोगी को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
दरअसल, थैलेसिमिया पीड़ित युवक को तीन दिन पहले बुखार की शिकायत के बाद जेके लेान अस्पताल में भर्ती करवाया था। इस दौरान रोगी को तीन बार ब्लड भी चढ़ाया गया। इसके बाद भी उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर्स ने उसे क्षय रोग से ग्रसित होना बताया और फिर उसकी एचआईवी की जांच भी करवाई। जांच में एचआईवी पॉजीटिव आया।
इधर अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले में आरोपों को खारिज किया और अस्पताल अधीक्षक एचएल मीणा ने बताया कि ब्लड बैंक में एलाइजा प्रणाली से जांच की जाती है। इसमें 18 से 21 दिन में भीतर रिपोर्ट सत्यापित होती है, ऐसे में परिजनों को आरोप निराधार है।
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कोटा के रहने वाले इस पीड़ित युवक के परिजनों ने जेके लोन अस्पताल और एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक प्रशासन पर रोगी को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
दरअसल, थैलेसिमिया पीड़ित युवक को तीन दिन पहले बुखार की शिकायत के बाद जेके लेान अस्पताल में भर्ती करवाया था। इस दौरान रोगी को तीन बार ब्लड भी चढ़ाया गया। इसके बाद भी उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर्स ने उसे क्षय रोग से ग्रसित होना बताया और फिर उसकी एचआईवी की जांच भी करवाई। जांच में एचआईवी पॉजीटिव आया।
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इधर अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले में आरोपों को खारिज किया और अस्पताल अधीक्षक एचएल मीणा ने बताया कि ब्लड बैंक में एलाइजा प्रणाली से जांच की जाती है। इसमें 18 से 21 दिन में भीतर रिपोर्ट सत्यापित होती है, ऐसे में परिजनों को आरोप निराधार है।
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