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लिपिस्टिक लगाने से नाराज हुआ नाना, मासूम को किया आग के हवाले
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 03 Feb 2018 08:39 PM IST
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मासूम के लिपिस्टिक लगाना उसके नाना को इतना नागवार लगा कि उसने गुस्से में आकर नाबालिग को आग के हवाले कर दिया।
जयपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-12 ने लिपिस्टिक लगाने से नाराज होकर 13 साल की बच्ची को जलाने वाले उसके दूर के रिश्ते में नाना लगने वाले अभियुक्त अज्जी उर्फ सलीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने लालकोठी निवासी इस अभियुक्त पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं अदालत ने जांच में लापरवाही बरतने वाले लालकोठी थाने के तत्कालीन एएसआई चेतराम, जांच अधिकारी एसआई शम्मी खां, इंस्पेक्टर सांवरमल नागौर और हैड कांस्टेबल झंडूराम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश करते हुए आदेश की कॉपी डीजीपी को भेजी है।
इसके साथ ही अदालत ने झूठे गवाह देने वाले गुलाम रसूल के खिलाफ अलग से मुकदमा चलाने के निर्देश देते हुए रसूल को नोटिस जारी किए हैं।
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जयपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-12 ने लिपिस्टिक लगाने से नाराज होकर 13 साल की बच्ची को जलाने वाले उसके दूर के रिश्ते में नाना लगने वाले अभियुक्त अज्जी उर्फ सलीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने लालकोठी निवासी इस अभियुक्त पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं अदालत ने जांच में लापरवाही बरतने वाले लालकोठी थाने के तत्कालीन एएसआई चेतराम, जांच अधिकारी एसआई शम्मी खां, इंस्पेक्टर सांवरमल नागौर और हैड कांस्टेबल झंडूराम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश करते हुए आदेश की कॉपी डीजीपी को भेजी है।
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इसके साथ ही अदालत ने झूठे गवाह देने वाले गुलाम रसूल के खिलाफ अलग से मुकदमा चलाने के निर्देश देते हुए रसूल को नोटिस जारी किए हैं।
ये है पूरा मामला, जानिए
अपर लोक अभियोजक महावीरसिंह किशनावत ने अदालत को बताया कि 17 अक्टूबर 2008 को लालकोठी थाना इलाके के धन्नादास की बगीची में रहने वाली 13 वर्षीय नाजमीन ने एसएमएस के बर्न वार्ड में पुलिस को बयान दिया था।
उसने अपने बयान में बताया कि एक दिन पहले वह पड़ोस में रहने वाले उसके दूर के रिश्ते में नाना अज्जी के घर में बनी दुकान पर भाई के साथ सामान लेने गई थी। अज्जी ने उसके लिपिस्टिक लगी देख ऐतराज जताया। जब नाजमीन ने इसका विरोध किया तो वह उसे दुकान के पीछे बने कमरे में ले गया और कुंदी बंद कर केरोसिन छिडक कर नाजमीन को आग लगा दी।
वहीं इलाज के दौरान 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 27 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
उसने अपने बयान में बताया कि एक दिन पहले वह पड़ोस में रहने वाले उसके दूर के रिश्ते में नाना अज्जी के घर में बनी दुकान पर भाई के साथ सामान लेने गई थी। अज्जी ने उसके लिपिस्टिक लगी देख ऐतराज जताया। जब नाजमीन ने इसका विरोध किया तो वह उसे दुकान के पीछे बने कमरे में ले गया और कुंदी बंद कर केरोसिन छिडक कर नाजमीन को आग लगा दी।
वहीं इलाज के दौरान 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 27 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।