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डॉक्टर्स की मांगे समय से पहले मानी, ट्रांसफर पूछकर करें ये संभव नहीं- चिकित्सा मंत्री

Thu, 21 Dec 2017 05:04 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 21 Dec 2017 05:04 PM IST
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rajasthan jaipur doctors strike these statements made by the Minister of Health
कालीचरण सर्राफ
राजस्थान सरकार और सेवारत चिकित्सकों के बीच चल रही रस्सा-कस्सी के बीच मरीजों की परेशानी अभी कायम है। पिछले कई दिनों से मरीज परेशान हो रहे हैं। इस बीच सरकार के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने अपना पक्ष रखा और चिकित्सकों के रुख को अड़ियल बताया।
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चिकित्सा मंत्री ने कहा कि 12 नवंबर को जिन 18 बातों पर चर्चा हुई उनकी क्रियान्विति हुई है। चिकित्सा संस्थानों में कैमरे लगाने की मांग पर, ग्रामीण चिकित्सकों को ग्रामीण भत्ता 1000 रुपए देने और चिकित्सकों को पीएम भत्ता बढ़ाने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
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विधि सहायक का पद सृजित कर दिए गए हैं। दस सीएमएचओ के ऑफिसों के लिए वाहनों की स्वीकृति, इंटर्नशिप में भत्ते बढ़ाने की मांग पूरी करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि डॉक्टर्स की मांगे मान ली गई हैं और कुछ पर कार्यवाही जारी है। इन मांगों से सरकार पर कुल मिलाकर 127 करोड़ रुपए से ज्यादा का भार आएगा।
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अतिरिक्त निदेशक के पद पर भी चिकित्सक लगाया है, नीम हकीमों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेल गठित कर दिया गया है। एकल पारी की मांग पर कार्यवाही जारी है।
 

समय से पहले पूरी कर दी मांगें

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Doctor
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि रेजीडेंट डॉक्टर्स की मांगों पर भी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि सातवें वेतन आयोग के एरियर के भुगतान मामला वित्त विभाग को भेजा गया है। वहीं अन्य मांगों पर एमसीआई नॉर्म्स के आधार पर कार्यवाही होगी।

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि डॉक्टर्स की कुछ मांगे 31 मार्च तक पूरी होनी थी, लेकिन सरकार ने त्वरित गति से पहले ही पूरी कर दिया गया है। उन्होंने चिकित्सा संघ से जुड़े पदाधिकारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ पदाधिकारी खुद को कानून से ऊपर मानते हैं। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश भी नहीं माने। जबकि चिकित्सक वर्ग बुद्धिजीवी वर्ग है, उन्हें विवेक से काम करना चाहिए। अड़ियल रवैया नहीं अपनाना चाहिए।

सराफ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे डॉक्टरों के हितों की रक्षा होगी। लेकिन डॉक्टर्स ने तबादलों को मुद्दा बना लिया है। ट्रांसफर करना एक सतत प्रक्रिया है। मंत्री ने कहा कि ट्रांसफर पूछकर करें ये संभव नहीं है। जबकि आंदोलन की धमकी के बाद भी सरकार ने मांगें पूरी की। उन्होंने डॉक्टरों से काम पर वापस लौटने की अपील की है।
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