हाईकोर्ट ने चेयरमेन और सदस्यों को वक्फ बोर्ड में काम करने की अनुमति देने से किया इंकार

अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 07 Dec 2017 09:11 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड से हटाए गए चेयरमेन व दोनों सदस्यों को राहत देने से इंकार करते हुए उनकी ओर से दायर प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा है कि खाली हुए पदों पर वक्फ अधिनियम के तहत नियुक्तियां की जाए। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश अबुबकर नकवी, अफसोद जैदी और नीदा खान की ओर से दायर प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए दिए।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि वक्फ बोर्ड में नई नियुक्तियां होने या छह माह के लिए उन्हें पद पर कार्य करने दिया जाए। जिसका विरोध करते हुए याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट इन्हें अपात्र मानकर बोर्ड में सदस्य पद पर की गई नियुक्तियों को रद्द कर चुका है।

ऐसे में किसी अपात्र को पद पर काम करने का आदेश नहीं दिया जा सकता। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए नियमानुसार बोर्ड में नियुक्तियां करने को कहा है। गौरतलब है कि अदालत ने गत 4 दिसंबर को आदेश जारी कर नकवी, जैदी और नीदा खान को वक्फ बोर्ड में सदस्य के तौर पर किए गए मनोनयन को रद्द कर दिया था। 
 

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