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हाईकोर्ट ने दिए 'पद्मावती' को सुरक्षा देने के आदेश, ये है पूरा मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 31 Jan 2018 07:42 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि वह 'पद्मावती' को सुरक्षा मुहैया करवाए।
दरअसल, यहां अन्तरजातीय विवाह करने वाली झुंझुनूं निवासी युवती पद्मावती पंवार की बात हो रही है जिसे हाईकोर्ट ने सुरक्षा मुहैया कराए जाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश वीके व्यास की एकलपीठ ने यह आदेश पद्मावती पंवार और उसके पति मनोज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता शेरसिंह महला ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता वयस्क हैं और एक-दूसरे से प्रेम करते हैं। जिसके चलते उन्होंने गत 27 दिसंबर को आर्य समाज के मंदिर में जाकर स्वेच्छा से शादी कर ली।
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दरअसल, यहां अन्तरजातीय विवाह करने वाली झुंझुनूं निवासी युवती पद्मावती पंवार की बात हो रही है जिसे हाईकोर्ट ने सुरक्षा मुहैया कराए जाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश वीके व्यास की एकलपीठ ने यह आदेश पद्मावती पंवार और उसके पति मनोज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता शेरसिंह महला ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता वयस्क हैं और एक-दूसरे से प्रेम करते हैं। जिसके चलते उन्होंने गत 27 दिसंबर को आर्य समाज के मंदिर में जाकर स्वेच्छा से शादी कर ली।
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नोटिस जारी कर जवाब तलब
शादी के बाद दोनों ने विवाह का पंजीकरण भी करा लिया। याचिका में कहा गया कि युवती के परिजन इस विवाह के खिलाफ हैं और दंपती को जान से मारने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को सुरक्षा मुहैया कराते हुए संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को सुरक्षा मुहैया कराते हुए संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।