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तय योग्यता बिना एलडीसी नहीं बन सकेंगे मोटर वाहन सब इंस्पेक्टर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:54 PM IST
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- फोटो : amar ujala
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि जिनके पास केंद्र सरकार की 12 जून 1989 की अधिसूचना के तहत निर्धारित योग्यता नहीं है वे मोटर वाहन सब इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नत करने का दावा नहीं कर सकते।
अदालत ने कहा कि परिवहन विभाग में कार्यरत एलडीसी अधिसूचना के तहत यदि न्यूनतम योग्यता रखते हैं तो वे पदोन्नति की खुली चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश मोटर वाहन सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं का निस्तारण और एलडीसी निहाल सिंह की याचिकाओं को खारिज करते हुए दिए।
मोटर वाहन सब इंस्पेक्टर की ओर से वर्ष 2010 में पेश याचिकाओं में कहा गया कि उनकी भर्ती 1963 के सेवा नियमों से हुई है। राज्य सरकार विभाग में कार्यरत एलडीसी को ट्रेनिंग देकर सब इंस्पेक्टर के 25 फीसदी पदों पर पदोन्नत करती है।
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ऐसा करना केंद्र सरकार की 12 जून 1989 की अधिसूचना का उल्लंघन है। ऐसे में एलडीसी को मोटर वाहन सब इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति नहीं दी जा सकती। वहीं एलडीसी की ओर से वर्ष 2013 में दायर याचिकाओं में कहा गया कि राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2013 से नियमों में संशोधन कर मोटर वाहन सब-इंस्पेक्टर के सभी पदों को सीधी भर्ती से ही भरने का प्रावधान कर दिया।
ऐसे में योग्यता रखने वाले एलडीसी से भेदभाव किया जा रहा है।
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अदालत ने कहा कि परिवहन विभाग में कार्यरत एलडीसी अधिसूचना के तहत यदि न्यूनतम योग्यता रखते हैं तो वे पदोन्नति की खुली चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश मोटर वाहन सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं का निस्तारण और एलडीसी निहाल सिंह की याचिकाओं को खारिज करते हुए दिए।
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मोटर वाहन सब इंस्पेक्टर की ओर से वर्ष 2010 में पेश याचिकाओं में कहा गया कि उनकी भर्ती 1963 के सेवा नियमों से हुई है। राज्य सरकार विभाग में कार्यरत एलडीसी को ट्रेनिंग देकर सब इंस्पेक्टर के 25 फीसदी पदों पर पदोन्नत करती है।
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ऐसा करना केंद्र सरकार की 12 जून 1989 की अधिसूचना का उल्लंघन है। ऐसे में एलडीसी को मोटर वाहन सब इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति नहीं दी जा सकती। वहीं एलडीसी की ओर से वर्ष 2013 में दायर याचिकाओं में कहा गया कि राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2013 से नियमों में संशोधन कर मोटर वाहन सब-इंस्पेक्टर के सभी पदों को सीधी भर्ती से ही भरने का प्रावधान कर दिया।
ऐसे में योग्यता रखने वाले एलडीसी से भेदभाव किया जा रहा है।