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ग्राम सचिव को गृह जिले में दो नियुक्ति, सरकार से मांगा जवाब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 20 Dec 2017 07:08 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्राम सेवक भर्ती-2016 में अधिक अंक के बावजूद अभ्यर्थी को गृह जिले में नियुक्ति नहीं देने पर पंचायती राज सचिव और राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता अभ्यर्थी को उसके गृह जिले में नियुक्त करने को कहा है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश सियाराम यादव की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता का ग्राम सेवक के पद पर ओबीसी वर्ग में चयन हुआ था। राज्य सरकार ने उसे सामान्य श्रेणी में मानते हुए गृह जिले से बाहर नियुक्ति दे दी। जबकि ओबीसी वर्ग के अन्य अभ्यर्थियों तथा याचिकाकर्ता से कम अंक रखने वालों को उनके गृह जिलों में नियुक्त किया गया है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को गृह जिले में नियुक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश सियाराम यादव की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता का ग्राम सेवक के पद पर ओबीसी वर्ग में चयन हुआ था। राज्य सरकार ने उसे सामान्य श्रेणी में मानते हुए गृह जिले से बाहर नियुक्ति दे दी। जबकि ओबीसी वर्ग के अन्य अभ्यर्थियों तथा याचिकाकर्ता से कम अंक रखने वालों को उनके गृह जिलों में नियुक्त किया गया है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को गृह जिले में नियुक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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