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महिलाएं भी करती हैं पुरुषों का पीछा, बताने वाली याचिका को कोर्ट ने इसलिए किया खारिज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 12 Jan 2018 04:08 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट में आज भारतीय दंड संहिता की धारा 354डी को चुनौती देने के मामले में सुनवाई हुई। इस पर कोर्ट ने मामले को लेकर लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने ये आदेश दिए। दरअसल, दीपेश ओसवाल व अन्य की ओर से भारतीय दंड संहिता की धारा 354डी को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि आईपीसी की धारा 354डी के तहत किसी का पीछा करने के अपराध के लिए पुरुषों को ही दोषी माना गया है। जबकि ऐसा केवल पुरुषों द्वारा ही नहीं, बल्कि महिलाओं द्वारा भी किया जाता है।
ऐसे में कोर्ट से गुहार की गई कि जब महिलाएं भी पुरुषों का पीछा करने जैसा कृत्य करती हैं तो उन्हें भी धारा के तहत आरोपी माना जाए। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
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न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने ये आदेश दिए। दरअसल, दीपेश ओसवाल व अन्य की ओर से भारतीय दंड संहिता की धारा 354डी को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि आईपीसी की धारा 354डी के तहत किसी का पीछा करने के अपराध के लिए पुरुषों को ही दोषी माना गया है। जबकि ऐसा केवल पुरुषों द्वारा ही नहीं, बल्कि महिलाओं द्वारा भी किया जाता है।
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ऐसे में कोर्ट से गुहार की गई कि जब महिलाएं भी पुरुषों का पीछा करने जैसा कृत्य करती हैं तो उन्हें भी धारा के तहत आरोपी माना जाए। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
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क्या है धारा 354, जानिए
court
जानकारी के अनुसार, भारतीय दंड संहिता की धारा 354 का इस्तेमाल ऐसे मामलों में किया जाता है जहां महिला की की मर्यादा और मान सम्मान को क्षति पहुंचाने के लिए उस पर हमला किया गया हो। महिला या लड़की के साथ जोर-जबरदस्ती भी इसके तहत ही अपराध माना गया है।
धारा 354 के चार सब सेक्शन बनाए गए हैं। इनमें छेड़छाड़ के लिए अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है। इन सब सेक्शन में से ही एक है 354डी। इसके तहत किसी महिला या लड़की का पीछा करने जैसी वारदात शामिल हैं। जिसमें पहली बार दोष सिद्ध होने पर तीन साल का कारावास सहित जुर्माने का प्रावधान है। इसके बाद भी अगर आरोपी दुबारा ऐसा करता है और उस पर दोष सिद्ध होता है तो पांच वर्ष का कारावास और जुर्माना लगाया जा सकता है।
धारा 354 के चार सब सेक्शन बनाए गए हैं। इनमें छेड़छाड़ के लिए अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है। इन सब सेक्शन में से ही एक है 354डी। इसके तहत किसी महिला या लड़की का पीछा करने जैसी वारदात शामिल हैं। जिसमें पहली बार दोष सिद्ध होने पर तीन साल का कारावास सहित जुर्माने का प्रावधान है। इसके बाद भी अगर आरोपी दुबारा ऐसा करता है और उस पर दोष सिद्ध होता है तो पांच वर्ष का कारावास और जुर्माना लगाया जा सकता है।