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चयन के बावजूद क्यों नहीं दी नियुक्ति-हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 24 Oct 2017 08:03 PM IST
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- फोटो : Internet
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जिला परिषद की ओर से आयोजित तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2013 में चयन के बावजूद नियुक्ति नहीं देने पर पंचायती राज सचिव और जिला परिषद बारां के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य अभ्यर्थी को नियुक्त करने पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश अशोककुमार गौड़ की एकलपीठ ने यह आदेश सुरेन्द्र कुमार मेघवाल की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता आरके सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता का तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2013 के संशोधित परिणाम में चयन हो गया था। याचिकाकर्ता को शाहबाद पंचायत समिति में नियुक्ति के लिए स्कूल भी आवंटित कर दी गई। इसके बावजूद भी उसे यह कहते हुए नियुक्ति नहीं दी गई कि उसके स्थान पर दूसरे चयनीत अभ्यर्थी को नियुक्त कर दिया गया है।
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याचिकाकर्ता की ओर से इस संबंध में विभाग में अपनी आपत्ति भी पेश की गई, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य अभ्यर्थी को नियुक्त करने पर रोक लगा दी है।
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इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य अभ्यर्थी को नियुक्त करने पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश अशोककुमार गौड़ की एकलपीठ ने यह आदेश सुरेन्द्र कुमार मेघवाल की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
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याचिका में अधिवक्ता आरके सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता का तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2013 के संशोधित परिणाम में चयन हो गया था। याचिकाकर्ता को शाहबाद पंचायत समिति में नियुक्ति के लिए स्कूल भी आवंटित कर दी गई। इसके बावजूद भी उसे यह कहते हुए नियुक्ति नहीं दी गई कि उसके स्थान पर दूसरे चयनीत अभ्यर्थी को नियुक्त कर दिया गया है।
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याचिकाकर्ता की ओर से इस संबंध में विभाग में अपनी आपत्ति भी पेश की गई, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य अभ्यर्थी को नियुक्त करने पर रोक लगा दी है।