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राजस्थान बजट: रियल एस्टेट सेक्टर को मिली इस 'संजीवनी' से सस्ते होंगे घर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 12 Feb 2018 03:04 PM IST
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जीएसटी और नोटबंदी के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में भारी मंदी आई है। इस प्रमुख सेक्टर को संजीवनी देने की कोशिश राजस्थान के बजट में की गई है।
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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आज राजस्थान विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया। जीएसटी और नोटबंदी के कारण आर्थिक मंदी का शिकार बने रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देने का प्रयास किया।
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सबसे बड़ी राहत डीएलसी दरों में 10 फीसदी की कटैाती करने की घोषणा है। इससे मकान और जमीन खरीदना सस्ता होगा। इस कटौती के बाद रजिस्ट्री भी सस्ती होगी। दरअसल, रजिस्ट्री का आधार डीएलसी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगले वर्ष की डीएलसी रेट तय करने के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक नहीं होगी, वहां 10 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी भी नहीं होगी।
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ये घोषणाएं भी हुई
vasundhara raje
मुख्यमंत्री जन आवास योजना में ईडब्लूएस और एलआईजी श्रेणी व्यक्तियों के पक्ष में आवंटित आवासीय यूनिटों के दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी में भी कमी की गई है।
अभी ईडब्ल्यूएस के आवास पर दो तथा एलआईजी के आवास पर 3.5 स्टांप ड्यूटी लगती है। इसे घटाकर क्रमश: एक फीसदी तथा दो फीसदी करने की घोषणा की है। साथ ही एग्रीमेंट से सेल डाक्यूमेंट की रजिस्ट्री का अधिकतम शुल्क 10 हजार रुपए से घटाकर एक रुपए करने की घोषणा की है।
- मुख्यमंत्री ने मिक्स लैंड यूज के पट्टों की भूमि का मूल्यांकन वाणिज्यिक भूमि की मूल्यांकन दर से 75 फीसदी के स्थान पर 50 फीसदी की दर से करने की भी घोषणा की गई है।
- रियल एस्टेट में मंदी को देखते हुए 3000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के आवासीय एवं वयवसायिक भूखंडों के मूल्यांकन पर पांच फीसदी अतिरिक्त रियायत देने की भी घोषणा की है।
- आईटी सेक्टर, मनोरंजन तथा पर्यटन इकाइयों के लिए बहुमंजिला व्यवसायिक भवनों में स्पेस या फ्लोर खरीद पर देय स्टाम्प ड्यूटी में 50 फीसदी की छूट देने की भी घोषणा की है।
अभी ईडब्ल्यूएस के आवास पर दो तथा एलआईजी के आवास पर 3.5 स्टांप ड्यूटी लगती है। इसे घटाकर क्रमश: एक फीसदी तथा दो फीसदी करने की घोषणा की है। साथ ही एग्रीमेंट से सेल डाक्यूमेंट की रजिस्ट्री का अधिकतम शुल्क 10 हजार रुपए से घटाकर एक रुपए करने की घोषणा की है।
- मुख्यमंत्री ने मिक्स लैंड यूज के पट्टों की भूमि का मूल्यांकन वाणिज्यिक भूमि की मूल्यांकन दर से 75 फीसदी के स्थान पर 50 फीसदी की दर से करने की भी घोषणा की गई है।
- रियल एस्टेट में मंदी को देखते हुए 3000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के आवासीय एवं वयवसायिक भूखंडों के मूल्यांकन पर पांच फीसदी अतिरिक्त रियायत देने की भी घोषणा की है।
- आईटी सेक्टर, मनोरंजन तथा पर्यटन इकाइयों के लिए बहुमंजिला व्यवसायिक भवनों में स्पेस या फ्लोर खरीद पर देय स्टाम्प ड्यूटी में 50 फीसदी की छूट देने की भी घोषणा की है।