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Rajasthan: 1.10 लाख संविदाकर्मी नियमितीकरण के लिए गहलोत सरकार के खिलाफ करेंगे आंदोलन, चेतावनी रैली भी करेंगे

Mon, 03 Apr 2023 05:26 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 03 Apr 2023 05:26 PM IST
सार

राजस्थान में 1.10 लाख संविदाकर्मी नियमितीकरण के लिए गहलोत सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। वहीं, 10 अप्रैल को संभाग मुख्यालयों पर चेतावनी रैली भी करने की बात कही है। संविदाकर्मियों की तरफ से 25 अप्रैल को जयपुर में 'अधिकार पैदल मार्च' निकाला जाएगा।

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Rajasthan 1.10 lakh contract workers will agitate against Gehlot government for regularization
गहलोत सरकार के खिलाफ करेंगे आंदोलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा राजस्थान ने जयपुर में प्रेस वार्ता कर एलान किया है कि प्रदेश में एक लाख 10 हजार से ज्यादा संविदाकर्मी नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश की गहलोत सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। अन्य सेवा से IAS में सेलेक्शन के लिए एक्सपीरियंस कैल्कुलेशन फार्मूला का संविदा कर्मियों ने विरोध किया है।

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बता दें कि प्रदेश के संविदाकर्मी पिछले काफी दिनों से लगातार सक्रिय रहकर मुख्यमंत्री, सरकार के मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को जगह-जगह ज्ञापन देकर नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। लेकिन आरोप है, सरकार की तरफ से 'राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स-2022' के अंतर्गत कोई भी अनुभव गणना करने और नियमितीकरण का सर्कुलर जारी नहीं किया है। इससे संविदा कर्मियों में काफी गुस्सा है।
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प्रदेश सरकार की इस लेटलतीफी को देखते हुए संविदाकर्मी फिर से आंदोलन की राह पकड़ रहे हैं। इसी क्रम में संविदाकर्मियों ने सोमवार को जयपुर के पिंक सिटी प्रेस क्लब में इकट्ठा होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें राजस्थान सरकार को चेताया कि बरसों से की जा रही नियमितीकरण की मांग को सरकार हल्के में ले रही है, जिसका संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा राजस्थान पुरजोर विरोध करता है।
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IAS पैटर्न पर एक्सपीरियंस कैल्कुलेशन का विरोध...
इससे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट घोषणा 2023-24 में संविदाकर्मियों के अनुभव की गणना अन्य सेवा से आईएएस चयन के पैटर्न के आधार पर करने की घोषणा की थी, जिसमें अनुभव के तीन साल की एक साल गणना की जाती है। इसको लेकर संविदाकर्मियों में भारी रोष है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा, राजस्थान के प्रदेश महासचिव रामस्वरूप टांक ने कहा, सरकार अनुभव की गणना वास्तविक रूप से एक-एक मानकर ही करें। सरकार अगर IAS पैटर्न में 3-1 का फार्मूला अपनाती है, तो इससे मुश्किल से 10 हज़ार संविदाकर्मियों का ही नियमितीकरण होगा। बाकी एक लाख संविदा कर्मी नियमित होने से वंचित हो जाएंगे।

चुनावी घोषणा का वादा पूरा किया, तो फिर से कांग्रेस सरकार बनाएंगे...
संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा, राजस्थान के उपाध्यक्ष अनवर खान ने बताया कि आला अधिकारियों, मंत्रियों से मिलकर लगातार प्रयास करने के बाद भी अभी तक सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार किस तर्ज पर संविदाकर्मियों को नियमित करेगी, इसके लिए अभी तक कोई भी परिपत्र या अधिसूचना जारी नहीं की गई है। संविदाकर्मी इसी बात को लेकर खासे नाराज हैं कि चुनाव काफी नजदीक आ चुके हैं और अधिकारियों के इस ढीले रवैये से अगर सरकार चलेगी, तो इस सरकार में नियमितीकरण होना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए संविदाकर्मियों की मांग है कि सरकार संविदाकर्मियों को नियमित करने की चुनावी घोषणा को जल्द से जल्द पूरा करे। ताकि सालों से काम कर रहे संविदाकर्मी नियमित होकर सरकार की विभिन्न योजनाएं आमजन तक पहुंचा कर उनका प्रचार कर सूबे में फिर से कांग्रेस सरकार बनाने का काम कर सकें।


25 अप्रैल को जयपुर में 'अधिकार पैदल मार्च'....
संयुक्त संविदा मुक्ति मोर्चा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र चौधरी ने बताया कि इसके विपरीत अगर सरकार जल्द ही कदम नहीं उठाती है, तो सभी संविदाकर्मियों द्वारा 10 अप्रैल 2023 को प्रत्येक संभाग मुख्यालय पर चेतावनी रैली निकाली जाएगी। 25 अप्रैल 2023 को जयपुर से 40 किलोमीटर दूर से शहीद स्मारक जयपुर तक हजारों की संख्या में संविदाकर्मी "अधिकार पैदल मार्च" निकालेंगे। वहीं से अनिश्चितकालीन महाआंदोलन किया जाएगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों की होगी। प्रेस वार्ता में अल्पसंख्यक विभाग, चिकित्सा, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के संविदाकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहे।

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