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दुनिया की सबसे महंगी धातुओं के इन तस्करों पर लगाया एक लाख का हर्जाना, ये है मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 06 Nov 2017 07:34 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने करोडों रुपए की इरिडियम तस्करी के मामले में दो तस्करों की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों याचिकाकर्ताओं पर कुल एक लाख रुपए का हर्जाना भी लगाया है।
न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश केसी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश लक्ष्मण सिंधी और किशोर सिंधी की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए दिए। याचिकाओं में डीआरआई के 30 मई 2013 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें डीआरआई ने दोनों आरोपियों को निवारक नजरबंदी में रखने के आदेश दिए थे। डीआरआई की ओर से अदालत को बताया गया कि दोनों आरोपी करीब तीन साल से फरार चल रहे हैं।
डीआरआई ने दोनों याचिकाकर्ताओं को निवारक नजरबंदी में रखने का आदेश इसलिए जारी किया था, ताकि वे भविष्य में अपराध नहीं कर सके। विभाग की ओर से कहा गया कि आरोपी डाक विभाग के जरिए विदेश से कुछ सामान मंगाते थे। इनमें बताए सामान के स्थान पर दुनिया की सबसे मंहगी धातुओं में से एक इरिडियम होता था। आरोपी डाक विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से इरिडियम निकालकर पैकेट में दूसरी सामग्री रख देते थे।
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जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं पर कुल एक लाख रुपए का हर्जाना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी।
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न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश केसी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश लक्ष्मण सिंधी और किशोर सिंधी की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए दिए। याचिकाओं में डीआरआई के 30 मई 2013 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें डीआरआई ने दोनों आरोपियों को निवारक नजरबंदी में रखने के आदेश दिए थे। डीआरआई की ओर से अदालत को बताया गया कि दोनों आरोपी करीब तीन साल से फरार चल रहे हैं।
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डीआरआई ने दोनों याचिकाकर्ताओं को निवारक नजरबंदी में रखने का आदेश इसलिए जारी किया था, ताकि वे भविष्य में अपराध नहीं कर सके। विभाग की ओर से कहा गया कि आरोपी डाक विभाग के जरिए विदेश से कुछ सामान मंगाते थे। इनमें बताए सामान के स्थान पर दुनिया की सबसे मंहगी धातुओं में से एक इरिडियम होता था। आरोपी डाक विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से इरिडियम निकालकर पैकेट में दूसरी सामग्री रख देते थे।
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जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं पर कुल एक लाख रुपए का हर्जाना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी।