कोर्ट ने क्यों कहा- या तो पुलिस नाकारा या अपराधियों से मिलीभगत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूर्य नगर के नाम से मशहूर जोधपुर शहर इन दिनों अपराध का गढ़ बन गया है। सरेराह व्यापारी को गोली से भून देने के बाद शहर में सन्नाटा पसर गया है। अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद है कि जिस व्यापारी को पुलिस ने सुरक्षा उपलब्ध कराई उसे ही जान से मार दिया।
पुलिस की इस नाकाम व्यवस्था पर जोधपुर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि या तो पुलिस नाकारा है या अपराधियों से मिलीभगत है। गौरतलब है रविवार रात को शहर के पॉश मार्केट सरदारपुरा में व्यापारी वासुदेव इसरानी की उसी के शोरुम के बाहर दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस के अनुसार शूटरों की पहचान हरेन्द्र जाट और काली के तौर पर की गई है। हत्या के दो दिन बीत जाने के बाद भी दोनों शूटर अभी तक फरार है। व्यपारी वासुदेव को हरेन्द्र जाट ने करीब 15 दिन पूर्व इंटरनेट कॉल से धमकी दी थी कि तूझे छोडूंगा नहीं बच सके तो बच ले।
अब एसओजी करेगी मामले की जांच
पुलिस को इस पूरे वाक्या की जानकारी थी लेकिन फिर भी शूटरों ने आराम से वासुदेव इसरानी को मौत के घाट उतार दिया। वहीं पुलिस की नाकामी के विरोध में व्यापारियों में रोष है और बाजार पूरी तरह बंद है। वहीं इस मामले में जोधपुर कोर्ट पुलिस के आला अधिकारियों को कोर्ट ने 22 सितंबर को तलब किया है।
वही अब मामले की जांच एसओजी को सौंप दी गई है। जांच के लिए एसओजी की टीम बीती रात को जोधपुर पहुंच गई है। जिसमे एडीजी उमेश मिश्रा, आईजी दिनेश एमएन व एडिशनल एसपी करण शर्मा सम्मलित है। बताया जा रहा है कि जांच इनके सुपरविजन में होगी।