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दुनिया के 'सबसे ऊंचे पहाड़' पर चढ़ेगी पिता पुत्र की जोड़ी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 16 Jun 2017 05:45 PM IST
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पिता पुत्र की जोड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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जयपुर के पिता पुत्र की जोड़ी दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ में से एक पर चढ़ने को तैयारी कर रहे हैं। नीरज भारद्वाज (48) और आदित्य भारद्वाज (16) अफ्रीका के तंजानिया में स्थित किलिमंजारो पहाड़ चढ़ेंगे। यह संभवतः पहला प्रयास है जब जयपुर के पिता व पुत्र की जोड़ी किसी पहाड़ पर चढ़ने जा रहे हैं। इसके लिए वे शुक्रवार रात तंजानिया के लिए रवाना हो रहे हैं, जहां मोशी में बेस कैम्प है। गौरतलब है कि इसे सबसे ऊंचे स्टैंड अलोन पहाड़ माना जाता है।
उनके साथ जयपुर के मोहित गोस्वामी (35) भी जाएंगे। इस पर्वत की चोटी समुद्र तल से 5,895 मीटर की ऊंचाई पर है। नीरज भारद्वाज व आदित्य भारद्वाज 7 दिन में इस लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करेंगे, जिसकी शुरुआत 19 जून से होगी। उल्लेखनीय है कि दुनियाभर में पहाड़ों पर ट्रैकिंग के शौकीन लोगों में किलिमंजारो पर्वत की ट्रैकिंग सर्वाधिक पसंदीदा मानी जाती है। यहां का मौसम माइनस जीरो डिग्री होता है और यहां चलने वाली तेज हवाएं इसके सफर को और अधिक कठिन बना देती हैं।
नीरज भारद्वाज ने बताया कि किलिमंजारो की चढ़ाई का अंतिम 10 से 15 प्रतिशत भाग क्लाइम्बिंग होगी, जबकि शेष सामान्य ट्रैकिंग होगी। उन्होंने यह भी बताया कि वहां की जलवायु के अनुकूल होने के लिये प्रथम दिन वे बेस कैंप में ठहरेंगे। इससे पूर्व पिता व पुत्र की यह जोड़ी नेपाल में अन्नपूर्णा बेस कैंप तक ट्रैकिंग कर चुकी है।
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नीरज भारद्वाज जयपुर में व्यवसायी हैं और उनके पुत्र आदित्य भारद्वाज वर्तमान में जयपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल में कक्षा 12 में अध्ययन कर रहे हैं।
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उनके साथ जयपुर के मोहित गोस्वामी (35) भी जाएंगे। इस पर्वत की चोटी समुद्र तल से 5,895 मीटर की ऊंचाई पर है। नीरज भारद्वाज व आदित्य भारद्वाज 7 दिन में इस लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करेंगे, जिसकी शुरुआत 19 जून से होगी। उल्लेखनीय है कि दुनियाभर में पहाड़ों पर ट्रैकिंग के शौकीन लोगों में किलिमंजारो पर्वत की ट्रैकिंग सर्वाधिक पसंदीदा मानी जाती है। यहां का मौसम माइनस जीरो डिग्री होता है और यहां चलने वाली तेज हवाएं इसके सफर को और अधिक कठिन बना देती हैं।
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नीरज भारद्वाज ने बताया कि किलिमंजारो की चढ़ाई का अंतिम 10 से 15 प्रतिशत भाग क्लाइम्बिंग होगी, जबकि शेष सामान्य ट्रैकिंग होगी। उन्होंने यह भी बताया कि वहां की जलवायु के अनुकूल होने के लिये प्रथम दिन वे बेस कैंप में ठहरेंगे। इससे पूर्व पिता व पुत्र की यह जोड़ी नेपाल में अन्नपूर्णा बेस कैंप तक ट्रैकिंग कर चुकी है।
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नीरज भारद्वाज जयपुर में व्यवसायी हैं और उनके पुत्र आदित्य भारद्वाज वर्तमान में जयपुर के सेंट जेवियर्स स्कूल में कक्षा 12 में अध्ययन कर रहे हैं।