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रिलीज से पहले कोर्ट में आॅन स्क्रीन दिखाई जाए 'पद्मावत', फिर तय करेंगे क्या करना है-हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 12 Jan 2018 04:30 PM IST
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फिल्म 'पद्मावत' को लेकर एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा है कि रिलीज होने से पहले इस फिल्म को कोर्ट में आॅन स्क्रीन दिखाएं।
अदालत ने ये आदेश फिल्म के निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली, अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के खिलाफ राजस्थान के नागौर जिले के डीडवाना में दायर एक एफआईआर को रद्द करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए। भंसाली की ओर से याचिका में नागौर के डीडवाना में 17 फरवरी 2017 को दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने की गुहार लगाई गई थी।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में जस्टिस संदीप मेहता ने आज सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि रिलीज से पहले एक बार कोर्ट में ही फिल्म को प्रदर्शित किया जाए। उसके बाद तय करेंगे कि मामले में क्या करना है। मामले में अब अगली सुनवाई 23 जनवरी को होगी।
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अदालत ने ये आदेश फिल्म के निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली, अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के खिलाफ राजस्थान के नागौर जिले के डीडवाना में दायर एक एफआईआर को रद्द करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए। भंसाली की ओर से याचिका में नागौर के डीडवाना में 17 फरवरी 2017 को दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने की गुहार लगाई गई थी।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में जस्टिस संदीप मेहता ने आज सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि रिलीज से पहले एक बार कोर्ट में ही फिल्म को प्रदर्शित किया जाए। उसके बाद तय करेंगे कि मामले में क्या करना है। मामले में अब अगली सुनवाई 23 जनवरी को होगी।
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ये भी आया कोर्ट में सामने
इससे पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता निशांत बोडा ने पक्ष रखा कि यह केवल फिल्म है ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त की जाए।
सरकार की ओर से पैरवी करते हुए जेपी भारद्वाज ने कहा कि फिल्म विवादों मे है। ऐसे में पुलिस को अनुसंधान करने दिया जाए, एफआईआर निरस्त नहीं की जाए। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता बोडा ने कहा कि ना तो फिल्म को अभी प्रदर्शित किया है और ना ही ट्रेलर जारी हुआ है। ऐसे में हाईकोर्ट ने कहा कि फिल्म पहले कोर्ट मे दिखाई जाए।
अधिवक्ता बोडा ने इसके लिए समय चाहा और कहा कि निर्माता निर्देशक से पूछ कर बताएंगे कि फिल्म कब तक कोर्ट में प्रदर्शित की जाए। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को 23 जनवरी तक समय देते सुनवाई को मुलतवी कर दिया।
सरकार की ओर से पैरवी करते हुए जेपी भारद्वाज ने कहा कि फिल्म विवादों मे है। ऐसे में पुलिस को अनुसंधान करने दिया जाए, एफआईआर निरस्त नहीं की जाए। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता बोडा ने कहा कि ना तो फिल्म को अभी प्रदर्शित किया है और ना ही ट्रेलर जारी हुआ है। ऐसे में हाईकोर्ट ने कहा कि फिल्म पहले कोर्ट मे दिखाई जाए।
अधिवक्ता बोडा ने इसके लिए समय चाहा और कहा कि निर्माता निर्देशक से पूछ कर बताएंगे कि फिल्म कब तक कोर्ट में प्रदर्शित की जाए। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को 23 जनवरी तक समय देते सुनवाई को मुलतवी कर दिया।