{"_id":"5a4767fb4f1c1b5c0c8b5d80","slug":"padmavati-controversy-no-change-in-ghumar-should-be-complete-song-ban-only","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'घूमर' गाने में बदलाव नहीं, बल्कि पूरा गाना ही बैन होना चाहिए - कालवी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'घूमर' गाने में बदलाव नहीं, बल्कि पूरा गाना ही बैन होना चाहिए - कालवी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 30 Dec 2017 04:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म 'पद्मावती' के नाम और 'घूमर' गाने में बदलाव की चर्चाओं ने फिर विवादों को हवा दे दी है।
सेंट्रल बोर्ड आॅफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) की ओर से फिल्म 'पद्मावती' और इसके 'घूमर' गाने में संशोधन के बाद U/A प्रमाण पत्र जारी करने की मीडिया में खबरें आने के बाद करणी सेना ने अपनी बात रखी है।
करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी के अनुसार फिल्म को देखने वाला इतिहासकारों का पैनल उनके सम्पर्क में है और कालवी ने दावा किया कि फिल्म देखने के बाद पैनल ने बोर्ड को साफ कहा है कि ये फिल्म रिलीज ही नहीं हो सकती है। इसमें बहुत खामियां हैं।
उन्होंने कहा कि मैने भी फिल्म के नाम व घूमर गाने में बदलाव को लेकर चर्चाएं सुनी हैं। उन्होंने कहा कि इस गाने में बदलाव नहीं, बल्कि ये गाना ही बैन होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पैनल में शामिल इतिहासकारों ने भी इस गाने पर आपत्ति जताई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेंट्रल बोर्ड आॅफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) की ओर से फिल्म 'पद्मावती' और इसके 'घूमर' गाने में संशोधन के बाद U/A प्रमाण पत्र जारी करने की मीडिया में खबरें आने के बाद करणी सेना ने अपनी बात रखी है।
करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी के अनुसार फिल्म को देखने वाला इतिहासकारों का पैनल उनके सम्पर्क में है और कालवी ने दावा किया कि फिल्म देखने के बाद पैनल ने बोर्ड को साफ कहा है कि ये फिल्म रिलीज ही नहीं हो सकती है। इसमें बहुत खामियां हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मैने भी फिल्म के नाम व घूमर गाने में बदलाव को लेकर चर्चाएं सुनी हैं। उन्होंने कहा कि इस गाने में बदलाव नहीं, बल्कि ये गाना ही बैन होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पैनल में शामिल इतिहासकारों ने भी इस गाने पर आपत्ति जताई है।
विज्ञापन
बोर्ड ने कहा क्या और किया क्या - कालवी
लोकेन्द्र सिंह कालवी
लोकेन्द्र सिंह कालवी ने सीबीएफसी की ओर से बनाए गए पैनल में शामिल इतिहासकारों की संख्या को लेकर भी सवाल उठाया। कालवी ने कहा कि वे तो इतिहासकार नहीं है, ऐसे में उनका फिल्म देखने या न देखने का सवाल ही नहीं उठता।
उनका आरोप है कि बोर्ड ने फिल्म को देखने के लिए बनाए गए पैनल में 9 इतिहासकारों को शामिल करने की बात कही थी, जबकि केवल 3 इतिहासकारों को ही फिल्म दिखाई गई। ऐसे हालात देखकर तो यही कहा जा सकता है कि फिल्म को लेकर खड़े हुए विवाद पर लोगों को गुमराह करने के लिए कोई खेल खेला जा रहा है।
उनका आरोप है कि बोर्ड ने फिल्म को देखने के लिए बनाए गए पैनल में 9 इतिहासकारों को शामिल करने की बात कही थी, जबकि केवल 3 इतिहासकारों को ही फिल्म दिखाई गई। ऐसे हालात देखकर तो यही कहा जा सकता है कि फिल्म को लेकर खड़े हुए विवाद पर लोगों को गुमराह करने के लिए कोई खेल खेला जा रहा है।