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Rajasthan: हारमोन से जुड़ी बीमारियों पर चर्चा के लिए जुटे 2000 डॉक्टर, राज्यपाल करेंगे कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ

Thu, 22 Dec 2022 01:02 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: रवींद्र भजनी Updated Thu, 22 Dec 2022 01:02 PM IST
सार

देश-विदेश के 2000 से अधिक डॉक्टर एसिकॉन 2022 में भाग लेने के लिए जयपुर में जुटे हैं। यह सभी डॉक्टर हारमोन से जुड़ी बीमारियों पर चर्चा करेंगे। साथ ही इस संबंध में हुई रिसर्च भी साझा करेंगे।  
 

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Over 2000 doctors assembled to discuss hormone related ailments in Jaipur Rajasthan news Updates
जयपुर में डॉक्टरों की कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए अतिथिगण। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एंडोक्राइन सोसाइटी ऑफ इंडिया (एसिकॉन 2022) की 51वीं वार्षिक कांफ्रेंस की शुरुआत जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में बुधवार को हुई। इसका औपचारिक उद्घाटन 22 दिसंबर को राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र करेंगे।

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एसिकॉन 2022 के आयोजन सचिव डॉ. संजय सारण ने बताया कि एसिकॉन 2022 के साइंटिफिक कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में डॉ. प्रकाश केसवानी, डॉ. सैलेश लोढ़ा, डॉ. सुधीर भंडारी, डॉ. बलराम शर्मा, डॉ. प्रेम प्रकाश पाटीदार, डॉ. राजीव कासलीवाल, डॉ. मनोज खंडेलवाल, डॉ. अजय शाह उपस्थित रहे।
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इस कॉन्फ्रेंस के लिए देश-विदेश के 2000 डॉक्टर एक छत के नीचे जमा हुए हैं। इस कॉन्फ्रेंस में हारमोन से जुड़ी बीमारियों पर चर्चा होगी। साथ ही इनसे बचाव व उपचार पर विचार साझा किए जाएंगे। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन कई विषयों पर चर्चा और कार्यशाला का आयोजन किया गया।  डॉ. लोढ़ा ने डाइबिटीज और डॉ. प्रकाश केसवानी ने थायराइड जैसी बीमारियों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के रिवर्सल यानी जड़ से मिटने पर बात हुई। डायबिटीज और थायराइड जैसी बीमारियों को लेकर लोगों में बहुत भ्रांतियां हैं। इन्हें दूर करने की जरूरत है। डाइबिटीज के उपचार में जागरूकता जरूरी है। इसके लिए अपने लाइफस्टाइल के साथ-साथ नियमित कसरत और खानपान को लेकर जागरुकता जरूरी है। डॉ. केसवानी ने बताया कि थायराइड के दो प्रकार- हाइपो थैरिडिज्म और हाइपर थैरिडिज्म- होते हैं। दोनों ही टाइप का डायग्नोसिस बहुत जरूरी है। इसके लिए समय रहते जांच कराना आवश्यक है। ताकि बीमारी से बचा जा सके। इस बीमारी को जड़ से कैसे मिटाया जा सके, इस पर भी चर्चा हुई।

रायपुर से आए एंडोक्रेनोलॉजिस्ट और इन्सुलिन पंप थेरेपी स्पेशलिस्ट डॉ. तरुण मिश्रा ने एक वर्कशॉप में देश- विदेश के डॉक्टर्स को संबोधित किया। उन्होंने इन्सुलिन पंप थेरेपी का लाइव डेमो दिया ताकि मरीजों को होने वाले फायदों के बारे में ज्यादा से ज्यादा डॉक्टर जान सके। इन्सुलिन पंप एक डिवाइस है, जो आर्टिफिशियल पैंक्रियाज की तरह काम करता है। यह डिवाइस शुगर पीड़ितों के लिए बहुत अच्छा ऑप्शन है, जो मरीज को डायबिटीज फ्री होना सुनिश्चित कर सकता है।


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