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हाईकोर्ट ने दिल्ली क्रिकेट संघ की तारीफ करते हुए RCA को दी ये चेतावनी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 12 Jan 2018 07:47 PM IST
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हाईकोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की संबद्धता बहाल करने के संबंध में बीसीसीआई की ओर से लगाई शर्तों पर गुप्त मतदान कराने के आदेश दिए हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश जयपुर जिला क्रिकेट संघ व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने पूर्व न्यायाधीश सुनीलकुमार गर्ग की देखरेख में 18 जनवरी को प्रात: 11 बजे आरसीए परिसर में इजीएम बुलाकर मतदान कराने को कहा है। मतदान में आरसीए के पदाधिकारी भी सामान्य सदस्य के तौर पर अपना मत दें।
अदालत ने मतदान में उन्हीं जिला संघों को पात्र माना है, जिन्होंने गत चुनाव में मताधिकार का प्रयोग किया था। अदालत ने आरसीए अध्यक्ष को सभी सदस्यों को इसकी जानकारी देने के लिए अधिकृत किया है। इसके साथ ही अदालत ने 24 जनवरी को मतपत्र सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट में पेश करने को कहा है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इजीएम में किसी अन्य बिन्दु पर चर्चा नहीं की जाए।
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राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश जयपुर जिला क्रिकेट संघ व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने पूर्व न्यायाधीश सुनीलकुमार गर्ग की देखरेख में 18 जनवरी को प्रात: 11 बजे आरसीए परिसर में इजीएम बुलाकर मतदान कराने को कहा है। मतदान में आरसीए के पदाधिकारी भी सामान्य सदस्य के तौर पर अपना मत दें।
अदालत ने मतदान में उन्हीं जिला संघों को पात्र माना है, जिन्होंने गत चुनाव में मताधिकार का प्रयोग किया था। अदालत ने आरसीए अध्यक्ष को सभी सदस्यों को इसकी जानकारी देने के लिए अधिकृत किया है। इसके साथ ही अदालत ने 24 जनवरी को मतपत्र सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट में पेश करने को कहा है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इजीएम में किसी अन्य बिन्दु पर चर्चा नहीं की जाए।
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मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा...
court
सुनवाई के दौरान आरसीए अध्यक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि बीसीसीआई ने छह बिन्दुओं पर आरसीए से सहमति मांगी है।
बीसीसीआई की ओर से इन बिन्दुओं पर सहमति होने पर ही सम्बद्वता बहाल करने की शर्त रखी गई है। ऐसे में आरसीए की असाधारण सभा बुलाने की अनुमति दी जाए, ताकि इन बिन्दुओं पर बैठक में चर्चा की जा सके। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बीसीसीआई की ओर से भेजे बिन्दुओं पर गुप्त मतदान करने को कहा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आरसीए पदाधिकारी अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए क्रिकेट की बलि ले रहे हैं। अभी तक आपस के झगडे तक समाप्त नहीं हुए है। पिछले चार साल से अदालत चयनकर्ताओं को नियुक्त कर रहा है। अदालत ने एक बार फिर आरसीए पर प्रशासक नियुक्त करने की मंशा जताते हुए कहा कि दिल्ली क्रिकेट संघ में प्रशासक के अधीन अच्छा काम हो रहा है।
बीसीसीआई की ओर से इन बिन्दुओं पर सहमति होने पर ही सम्बद्वता बहाल करने की शर्त रखी गई है। ऐसे में आरसीए की असाधारण सभा बुलाने की अनुमति दी जाए, ताकि इन बिन्दुओं पर बैठक में चर्चा की जा सके। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बीसीसीआई की ओर से भेजे बिन्दुओं पर गुप्त मतदान करने को कहा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आरसीए पदाधिकारी अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए क्रिकेट की बलि ले रहे हैं। अभी तक आपस के झगडे तक समाप्त नहीं हुए है। पिछले चार साल से अदालत चयनकर्ताओं को नियुक्त कर रहा है। अदालत ने एक बार फिर आरसीए पर प्रशासक नियुक्त करने की मंशा जताते हुए कहा कि दिल्ली क्रिकेट संघ में प्रशासक के अधीन अच्छा काम हो रहा है।