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इस खोज से खिले चेहरे, यहीं से भारत ने दुनिया को दिखाई थी ताकत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 27 Dec 2017 05:38 PM IST
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रेगिस्तान के इस इलाके में परमाणु परीक्षण कर भारत ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई थी। अब यहां एक खोज से उन्नति की राह खुलती नजर आ रही है। दरअसल, राजस्थान के पोकरण इलाके में तेल के भंडार मिलने की बात सामने आई है।
पिछले दिनों जैसलमेर जिले के पोकरण उपखंड क्षेत्र के नोख गांव के पास स्थित टावरी वाला क्षेत्र में तेल मिला है। यहां ऑयल इंडिया के टावरीवाला क्षेत्र में एक प्वाइंट से कच्चा तेल निकाला है। इसे जांच केे लिए लैबोरट्री भेजा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह राजस्थान के लिए शुभ संकेत है। यहां तेल के भंडार होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस उम्मीद में यहां दो नए प्वाइंट पर ऑयल इंडिया की ओर से खुदाई का कार्य जारी है। सूत्रों के अनुसार, ऑयल इंडिया ने इस क्षेत्र में आठ प्वाइंट चिन्हित किए हैं जिनमें तेल भंडार मिलने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा।
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पिछले दिनों जैसलमेर जिले के पोकरण उपखंड क्षेत्र के नोख गांव के पास स्थित टावरी वाला क्षेत्र में तेल मिला है। यहां ऑयल इंडिया के टावरीवाला क्षेत्र में एक प्वाइंट से कच्चा तेल निकाला है। इसे जांच केे लिए लैबोरट्री भेजा गया है।
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अधिकारियों के अनुसार, यह राजस्थान के लिए शुभ संकेत है। यहां तेल के भंडार होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस उम्मीद में यहां दो नए प्वाइंट पर ऑयल इंडिया की ओर से खुदाई का कार्य जारी है। सूत्रों के अनुसार, ऑयल इंडिया ने इस क्षेत्र में आठ प्वाइंट चिन्हित किए हैं जिनमें तेल भंडार मिलने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा।
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खुलेंगे रोजगार के अवसर
आॅयल प्वाइंट, जहां ट्रकों की आवाजाही शुरू है
- फोटो : amar ujala
सूत्रों के अनुसार, बाड़मेर में तेल भंडारों से निकलने वाला आॅयल पतला होने के कारण सीधे काम में लिया जा सकता है। जबकि टावरीवाला क्षेत्र में निकला तेल गाढ़ा होने की वजह से इसे लेबोरेट्री में भिजवाया गया है ताकि इसके दोहन की संभावनाओं को तलाशा जा सके।
आॅयल इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, देश में अब नई तकनीक ईजाद होने के बाद यहां का गाढ़ा तेल भी काम में लिया जा सकेगा। ऐसे में यहां तेल भंडार रोजगार और विकास के नए अवसर खोलेंगे। उधर, यहां ग्रामीणों में इस खबर के मिलते ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
आॅयल इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, देश में अब नई तकनीक ईजाद होने के बाद यहां का गाढ़ा तेल भी काम में लिया जा सकेगा। ऐसे में यहां तेल भंडार रोजगार और विकास के नए अवसर खोलेंगे। उधर, यहां ग्रामीणों में इस खबर के मिलते ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।