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13 साल पहले बच्चा बदलने का मामला, कोर्ट ने डॉक्टर से मांगा जवाब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 20 May 2017 08:45 PM IST
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अदालत
- फोटो : file
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राजस्थान हाईकोर्ट ने सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय से 13 साल पहले बच्चा बदलने के मामले में डॉक्टर कुसुम देवपुरा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश मधु जैन की ओर से दायर रिकॉलिंग अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिए। अर्जी में हाईकोर्ट के 16 फरवरी 2016 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें अदालत ने 24 अप्रैल 2015 के आदेश को चुनौती देने वाले रिकॉलिंग प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने 24 अप्रैल 2015 के आदेश से मामले में डॉक्टर ऊषा आचार्य, डॉक्टर कुसुम देवपुरा व डॉक्टर बीना आचार्य की याचिका मंजूर कर उसने खिलाफ तीस मार्च 2010 को निचली अदालत द्वारा धोखाधडी और षडयंत्र के अपराध के लिए प्रसंज्ञान आदेश को रद्द कर दिया था। याचिकाकर्ता ने रिकॉलिंग अर्जी में कहा कि अदालत ने उनकी ओर से पेश तथ्यों की अनदेखी फैसला दिया है।
याचिकाकर्ता ने इस मामले में मुख्य न्यायाधीश सहित सतर्कता आयोग में भी शिकायत की थी, इसलिए सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए फैसला दिया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने डॉ. कुसुम देवपुरा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश मधु जैन की ओर से दायर रिकॉलिंग अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिए। अर्जी में हाईकोर्ट के 16 फरवरी 2016 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें अदालत ने 24 अप्रैल 2015 के आदेश को चुनौती देने वाले रिकॉलिंग प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने 24 अप्रैल 2015 के आदेश से मामले में डॉक्टर ऊषा आचार्य, डॉक्टर कुसुम देवपुरा व डॉक्टर बीना आचार्य की याचिका मंजूर कर उसने खिलाफ तीस मार्च 2010 को निचली अदालत द्वारा धोखाधडी और षडयंत्र के अपराध के लिए प्रसंज्ञान आदेश को रद्द कर दिया था। याचिकाकर्ता ने रिकॉलिंग अर्जी में कहा कि अदालत ने उनकी ओर से पेश तथ्यों की अनदेखी फैसला दिया है।
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याचिकाकर्ता ने इस मामले में मुख्य न्यायाधीश सहित सतर्कता आयोग में भी शिकायत की थी, इसलिए सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए फैसला दिया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने डॉ. कुसुम देवपुरा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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