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पाकिस्तान से आए 15 शरणार्थी अब कहलाएंगे भारतीय, जुल्मों से आहत होकर छोड़ा था मुल्क
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 01 Jan 2018 08:59 PM IST
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सरकारी जुल्मों से परेशान होकर 15 साल पहले अपना वतन छोड़कर भारत आए 15 पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की नागरिकता मिलेगी।
इन शरणार्थियों को भारत ने ये तोहफा देने की घोषण नववर्ष के मौके पर की। मिली जानकारी के अनुसार, झीलों की नगरी उदयपुर में करीब 15 साल पहले 15 पाकिस्तानी नागरिक अपना मुल्क छोड़कर यहां रिश्तेदारों के पास आए थे। उसके बाद वे यहां से लौटे नहीं। वे लगातार यहां की नागरिकता हासिल करने का प्रयास कर रहे थे।
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इन शरणार्थियों को भारत ने ये तोहफा देने की घोषण नववर्ष के मौके पर की। मिली जानकारी के अनुसार, झीलों की नगरी उदयपुर में करीब 15 साल पहले 15 पाकिस्तानी नागरिक अपना मुल्क छोड़कर यहां रिश्तेदारों के पास आए थे। उसके बाद वे यहां से लौटे नहीं। वे लगातार यहां की नागरिकता हासिल करने का प्रयास कर रहे थे।
30 हजार शरणार्थियों में से छह हजार पंजीकृत
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इन सिंधी परिवारों को आज भारतीय नागरिकता की शपथ दिलवाई गई। इनमें आठ पुरुष और सात महिलाएं है। उदयपुर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुभाष चंद्र शर्मा ने इन लोगों को भारतीय नागरिकता ग्रहण करने की शपथ दिलाने के बाद जल्द ही नागरिकता प्रमाण—पत्र जारी करने का भरोसा दिलाया।
बता दें कि राजस्थान में करीब 30 हजार पाक विस्थापित रहते हैं जिनमें से करीब 6 हजार विस्थापितों का ही पंजीकरण हो पाया है। विभागों की लेटलतीफी और लापरवाही के कारण पाक शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र मिलने की आखिरी प्रक्रिया में समय लग जाता है जिसके कारण आज भी कई शरणार्थी नागरिकता से वंचित है।
बता दें कि राजस्थान में करीब 30 हजार पाक विस्थापित रहते हैं जिनमें से करीब 6 हजार विस्थापितों का ही पंजीकरण हो पाया है। विभागों की लेटलतीफी और लापरवाही के कारण पाक शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र मिलने की आखिरी प्रक्रिया में समय लग जाता है जिसके कारण आज भी कई शरणार्थी नागरिकता से वंचित है।