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लंदन से साइंस में पीजी को शिक्षा विभाग में बाबूगिरी करने पर मजबूर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 05 Apr 2017 08:14 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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यूं तो देश में बेरोजगारी का आलम यह है कि सरकारी नौकरी की चाहत में डिग्रीधारी और पीएचडी होल्डर्स भी चपरासी भर्ती की नौकरी निकाले जाने पर आवेदन कर देते हैं मगर यहां तो लंदन से एमएससी कर चुके एक युवक को एक सरकारी दफ्तर में बाबू की नौकरी मिली है।
जयपुर से इंजिनियरिंग और एमबीए की डिग्री हासिल करने के बाद लंदन की साउथैंपटन यूनिवर्सिटी से साइंस में पीजी कर चुके सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ निवासी देवेश जोशी को शिक्षा विभाग में लिपिक पद पर नियुक्ति मिली है।
दरअसल राजस्थान हाईकोर्ट में एक मामले को लेकर हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता देवेश जोशी ने अपनी याचिका में बताया कि सरकारी स्कूल में वरिष्ठ अध्यापिका के पद पर कार्यरत उसकी मां का निधन साल 2015 में हो गया था जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी देवेश पर आ गई।
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ऐसे में देवेश ने शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के तहत नौकरी देने का आवेदन किया तो शिक्षा विभाग ने उसे बाबू के पद पर नियुक्ति दे दी। विदेश से अच्छी खासी शिक्षा ग्रहण कर चुके देवेश को बाबूगिरी करना नागवार गुजरा तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद अब उसकी याचिका पर गौर करते हुए जोधपुर हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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जयपुर से इंजिनियरिंग और एमबीए की डिग्री हासिल करने के बाद लंदन की साउथैंपटन यूनिवर्सिटी से साइंस में पीजी कर चुके सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ निवासी देवेश जोशी को शिक्षा विभाग में लिपिक पद पर नियुक्ति मिली है।
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दरअसल राजस्थान हाईकोर्ट में एक मामले को लेकर हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता देवेश जोशी ने अपनी याचिका में बताया कि सरकारी स्कूल में वरिष्ठ अध्यापिका के पद पर कार्यरत उसकी मां का निधन साल 2015 में हो गया था जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी देवेश पर आ गई।
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ऐसे में देवेश ने शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के तहत नौकरी देने का आवेदन किया तो शिक्षा विभाग ने उसे बाबू के पद पर नियुक्ति दे दी। विदेश से अच्छी खासी शिक्षा ग्रहण कर चुके देवेश को बाबूगिरी करना नागवार गुजरा तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद अब उसकी याचिका पर गौर करते हुए जोधपुर हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।