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बंदर की गाजे-बाजे से शवयात्रा, वैदिक परम्परा से किया अंतिम संस्कार

Tue, 01 Aug 2017 04:47 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Tue, 01 Aug 2017 04:47 PM IST
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Know why, the monkey's funeral done by Vedic tradition
बंदर का अंतिम संस्कार - फोटो : Amar Ujala
बंदर की मौत के बाद लोगों ने उसकी गाजे-बाजे से शवयात्रा निकाली और वैदिक परम्परा के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया। 
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घटना राजस्थान के राजसमंद जिले की भीम तहसील के गांव बलाइयों का कुआं की है। आज यहां एक बंदर की मौत हो गई। बंदर को हनुमानजी का प्रतिरूप माना जाता है। आज मंगलवार भी है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने इस बंदर का अंतिम संस्कार वैदिक परम्पराओं के अनुसार करने का तय किया।   


मृत बंदर को नहला कर नए वस्त्र पहनाए गए। इसके बाद उसकी बॉडी को एक ठेले में रखकर गाजे-बाजे से शवयात्रा निकाली गई। शवयात्रा हाईवे-8 बी, पड़ाव, ट्रक चैराहा, अस्पताल मार्ग, सदर बाजार, हनुमानजी मंदिर मार्ग होते हुए आसींद मार्ग पर स्थित श्मशान घाट पहुंची। रास्ते में जय हनुमान, संकट मोचन हनुमान व जय श्री राम के जयकारे लगाते चल रहे थे। श्मशान में नारियल, पीपल की लकड़ी आदि लगाकर दाह संस्कार किया। रास्ते में लोग भी इस अनूठी शवयात्रा को देखकर हाथ जोड़ते नजर आए। 
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