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राजस्थान के टाइगर रिजर्वों में मानसून सीजन में भी होगी जंगल सफारी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 20 Jun 2017 09:34 AM IST
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फाइल फोटो।
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राजस्थान के टाइगर रिजर्व बाघों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गए है। इसी का कारण है कि इन रिजर्वों में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए राज्य के वन विभाग ने यह निर्णय किया है कि मानसून सीजन में भी राज्य के तीन टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी जारी रहेगी।
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गौरतलब है कि नेशनल टाइगर कर्जेंवेशन अथॉरिटी के आदेशानुसार एक जुलाई से 30 सितंबर तक नेशनल पार्क में सफारी पर रोक रहती है। लेकिन राज्य के स्टेट बोर्ड आॅफ वाइल्ड लाइफ ओर टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन ने हाल ही में हुए स्टेंडिग कमेटी की बैठक में यह निर्णय किया है।
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वन विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सरिस्का, रणथम्भौर व मुकंदरा टाइगर हिल रिजर्व में इन तीन माह भी सफारी जारी रहेगी। हालांकि इन रिजर्व में भी जोन में सफारी नहीं होगी। लेकिन रोटेशनल प्रणाली के आधारी पर तीन माह के दौरान सफारी जारी रहेगी।
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गौरतलब है एनटीसीए ने विभिन्न कारणो को बताते हुए मानसून सीजन के दौरान टाइगर रिजर्व में सफारी पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। जिसमें मुख्य कारण है मानसून सीजन में बाघों का ब्रीडिंग करना। लेकिन वन विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है बाघ पूरे वर्ष भर ब्रीडिंग करते है।
साथ ही तीन माह पार्क बंद रहने से जंगल में गैरकानूनी गतिविधि भी बढ़ जाती है। यदि मानसून में भी जंगलों में पर्यटकों की आवाजाही रहेगी तो ऐसी गतिविधियों पर लगाम रखी जा सकेगी। गौरतलब है
राजस्थान के रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 60 से अधिक है। जबकि सरिस्का में वर्तमान में बाघों की संख्या 13 से ज्यादा है।