सावधान! तो इसलिए काजी नहीं पढ़ेंगे एेसे लोगों का निकाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शादी-समारोह में होने वाली फिजूलखर्ची के खिलाए समय-समय पर आवाजें उठती रहती हैं। लेकिन यदि इन फिजूखर्चीयों के कारण शादी ही नहीं हो सके तो मामला और गंभीर हो जाता है।
ऐसा ही कुछ होने जा रहा है राजस्थान के जोधपुर में। यहां शहर काजी आबिद अली और उनके उत्तराधिकारी काजी वाहिद अली ने यह ऐलान किया है, जिन शादियों में फिजूलखर्ची होगी वहां वे निकाह नहीं पढ़ेंगे।
उनका कहना है कि शादी समारोह में डीजे, बाजे, दहेज की मांग सभी कुरीतियां है। इन सभी कुरीतियों को रोकने के उददेश्य से उन्होंने यह निर्णय किया है।
इन गैर इस्लामी परंपराओं को अपनाने से पड़ रहा है बुरा असर
ईदगाह में फैजाने गौसों रजा कमेटी की हुई बैठक में सदर, सचिव व नागरिकों की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कमेटी के अनुसार शादी में फिजूलखर्ची और गैर इस्लामी परंपराएं अपनाने से समाज पर बुरा असर पड़ रहा है।
यहां मौजूद समाज के प्रतिनिधियों का कहना था कि कुरीतियों के कारण समाज में बुराई फैल रही है। इस्लाम और देश का कानून इसकी इजाजत नहीं देता है। वहीं बैठक में हुए फैसलों को सख्ती से लागू करने की भी अपील की गई।