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Jal Jeevan Mission: छितराई बसाहट के बावजूद राजस्थान टॉप तीन में, 13 हजार करोड़ रुपये हुए खर्च
Wed, 15 Mar 2023 03:42 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 15 Mar 2023 03:42 PM IST
सार
जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य में अब तक 13 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए है। छितरी-छितरी बसाहट होने के बाद भी इस मिशन को लागू करने में राजस्थान देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल है।
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जल जीवन मिशन की समीक्षा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों और छितराई बसावट के बावजूद राज्य सरकार जल जीवन मिशन के कार्यों को पूरा करने में कोई कमी नहीं रख रही है। यह ‘हर घर जल‘ के लिए महत्वाकांक्षी योजना है। राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर पेयजल समस्या का समाधान कर रही है। उन्होंने वृहद् जल परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कर सुलभ पेयजल उपलब्धता और कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
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गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थायी जल स्त्रोतों का भी विकास सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में पेयजल की समस्या नहीं आए। प्रदेश में विगत दिनों में जल जीवन मिशन के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया गया है। इस मिशन को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए विभिन्न स्तरीय स्वीकृतियों का समय न्यूनतम करें जिससे धरातल पर शीघ्र काम शुरू हो सके। उन्होंने प्रदेश में अवैध कनेक्शन, बूस्टर के इस्तेमाल और लाइनों को क्षतिग्रस्त करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में बाड़मेर जिले के चैहटन, गुड़ामालानी, धोरीमन्ना व सिणधरी, झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी एवं सूरजगढ़, दौसा, सवाई माधोपुर, ईसरदा बांध से पेयजल आपूर्ति, कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना, परवन बांध आधारित पेयजल परियोजना, नवनेरा बैराज, चंबल-धौलपुर-भरतपुर वृहद् पेयजल परियोजना, चंबल नदी से बेगूं, निम्बाहेड़ा एवं चित्तौड़गढ़ पेयजल परियोजना, चंबल भीलवाड़ा परियोजना, चम्बल-अलवर-भरतपुर परियोजना सहित विभिन्न परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
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8 हजार जल कनेक्शन प्रतिदिन, तीसरे स्थान पर राजस्थान
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि मिशन में प्रतिदिन जल कनेक्शन देने में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है। राज्य में फरवरी, 2023 में औसतन 7142 कनेक्शन प्रतिदिन दिए गए तथा मार्च, 2023 में औसतन 8000 कनेक्शन प्रतिदिन देने का लक्ष्य रखा है। विभाग द्वारा मई, 2022 की तुलना में फरवरी, 2023 में औसतन प्रतिदिन 6 गुना अधिक कनेक्शन दिए गए है। अभी तक लगभग 36.28 लाख कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान की इस प्रगति को केंद्र सरकार द्वारा भी सराहा गया है।
वित्तीय प्रगति में भी राजस्थान आगे
आमजन को सुलभ पेयजल उपलब्धता के लिए जल जीवन मिशन में अभी तक 13 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में चौथे स्थान पर है। वित्तीय वर्ष में 3488 करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2022-23 में अभी दोगुनी राशि 6700 करोड़ रुपये व्यय हो चुकी है। इस वर्ष में लगभग 7500 करोड़ रुपये व्यय लक्षित है।
11 जिलों के 5739 गांवों के लिए पांच वृहद परियोजनाएं
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार को पांच वृहद परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए पत्र भेजा गया है। इनकी स्वीकृति मिलने तथा कार्य पूरा होने से अलवर, भरतपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर, सीकर और झुंझुनू के 5739 गांवों को पानी मिलेगा। इसमें 23,941 करोड़ रुपए लागत प्रस्तावित है।