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पता नहीं था क्या है Ironman Challenge, ठाना तो 15 माह में पूरा किया लक्ष्य
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 19 Dec 2017 09:44 PM IST
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आयरनमैन मृगेश गुप्ता
- फोटो : Amar Ujala
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सबसे मुश्किल चुनौतियों में से एक आयरनमैन चैलेंज में इस बार एक ऐसे शख्स ने बाजी मारी है जिसे इस प्रतियोगिता के बारे में कुछ पता नहीं था और जब पता चला तो चैलेंज पूरा करने की ठान ली। इस बार आयरनमैन चैलेंज को पूरा किया है कोटा के रहने वाले युवक मृगेश गुप्ता ने।
कोटा के मृगेश ने पिछले दिनों चेन्नई में आयोजित ट्रायथेलॉन में आयरन मैन चैलेंज को पूरा किया है। इसमें उन्होंने 17 घंटे 10 मिनट में 3.9 किमी तैराकी, 180 किमी साइक्लिंग, 42 किमी दौड़ पूरी की है। ऐसा करने वाले मृगेश कोटा के पहले और राजस्थान के दूसरे एथलीट बन गए हैं। इससे पहले जयपुर के नरेन्द्र खर्रा आयरनमैन का चैलेंज पूरा कर चुके हैं।
बड़ी बात यह कि 15 महीने पहले तक मृगेश को यह भी नहीं पता था कि आयरन मैन चैलेंज होता क्या है, यहां तक की प्रोफेशनल तैराकी भी नहीं आती थी। हल्का-फुल्का तैरना आता था। इन सबके बावजूद इरादा बनाया और जीत हासिल करने के लिए दिन-रात एक कर दिए। दैनिक दिनचर्या, शिक्षण के कार्य को यथावत रखते हुए ऐसी तैयारी की कि आयरन मैन का चैलेंज पूरा करके ही माने।
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कोटा के मृगेश ने पिछले दिनों चेन्नई में आयोजित ट्रायथेलॉन में आयरन मैन चैलेंज को पूरा किया है। इसमें उन्होंने 17 घंटे 10 मिनट में 3.9 किमी तैराकी, 180 किमी साइक्लिंग, 42 किमी दौड़ पूरी की है। ऐसा करने वाले मृगेश कोटा के पहले और राजस्थान के दूसरे एथलीट बन गए हैं। इससे पहले जयपुर के नरेन्द्र खर्रा आयरनमैन का चैलेंज पूरा कर चुके हैं।
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बड़ी बात यह कि 15 महीने पहले तक मृगेश को यह भी नहीं पता था कि आयरन मैन चैलेंज होता क्या है, यहां तक की प्रोफेशनल तैराकी भी नहीं आती थी। हल्का-फुल्का तैरना आता था। इन सबके बावजूद इरादा बनाया और जीत हासिल करने के लिए दिन-रात एक कर दिए। दैनिक दिनचर्या, शिक्षण के कार्य को यथावत रखते हुए ऐसी तैयारी की कि आयरन मैन का चैलेंज पूरा करके ही माने।
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बच्चों को देते हैं आईआईटी की कोचिंग
चैलेंज पूरा करने के बाद कोटा लौटे मृगेश
- फोटो : Amar Ujala
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में आईआईटी-जेईई फिजिक्स के शिक्षक मृगेश इससे पहले 15 जनवरी 2016 को मुम्बई मैराथन दौड़ चुके हैं। काॅलेज में मार्शल आर्ट किक बाॅक्सिंग में ब्लैक बेल्ट रह चुके हैं। दिल्ली हाफ मैराथन व जयपुर में थार में रेस पूरी कर चुके हैं। गत 19 मार्च को जयपुर में हाॅफ आयरन मैन का चैलेंज भी पूरा कर चुके हैं।
मृगेश ने बताया कि लम्बी तैराकी के लिए कोटा में बड़े स्वीमिंग पूल ही नहीं हैं। यहां चम्बल नदी में घड़ियाल व अन्य जीव होने से लम्बा तैरने में डर लगता है। ऐसे में तैरने के लिए मैं दिल्ली जाता था। वहां भट्टी माइन्स में जाकर दोस्त के साथ तैरता था और उसी दिन वापस कोटा आ जाता था।
मृगेश ने बताया कि लम्बी तैराकी के लिए कोटा में बड़े स्वीमिंग पूल ही नहीं हैं। यहां चम्बल नदी में घड़ियाल व अन्य जीव होने से लम्बा तैरने में डर लगता है। ऐसे में तैरने के लिए मैं दिल्ली जाता था। वहां भट्टी माइन्स में जाकर दोस्त के साथ तैरता था और उसी दिन वापस कोटा आ जाता था।