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VIP विजिट के दौरान कैसे हो जाता है बिना टेंडर काम, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 08 Feb 2018 07:48 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने म्यूजियम रोड पर ट्रको की एंट्री रोकने के लिए टूटे हुए हाइट बेरियर की वेल्डिंग कराने के लिए निगम की ओर से टेंडर जारी करने के मामले में नाराजगी जताई है।
अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति और अन्य वीआईपी विजिट होता है तो कैसे बिना टेंडर लिए काम हो जाते हैं। इसके साथ ही नगर निगम को शपथ पत्र पेश कर बताने को कहा है कि अदालती आदेश की पालना में गणेश नगर की खुली जमीन में फैंसिंग करने और शौचालय निर्माण के लिए क्या कार्रवाई की गई।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश वर्ल्ड क्लास सिटी के मामले में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान और विमल चौधरी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता विमल चौधरी ने अदालत को कहा कि शहर में अतिक्रमण हटाया जा रहा है, लेकिन मोतीडूंगरी रोड पर अब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आरंभ नहीं हुई। बीच सड़क धार्मिक स्थल भी बने हुए हैं। इसके अलावा म्यूजियम रोड पर भारी वाहनों को रोकने के लिए लगाया गया बेरिकेड टूट गया है।
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अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति और अन्य वीआईपी विजिट होता है तो कैसे बिना टेंडर लिए काम हो जाते हैं। इसके साथ ही नगर निगम को शपथ पत्र पेश कर बताने को कहा है कि अदालती आदेश की पालना में गणेश नगर की खुली जमीन में फैंसिंग करने और शौचालय निर्माण के लिए क्या कार्रवाई की गई।
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न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश वर्ल्ड क्लास सिटी के मामले में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान और विमल चौधरी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता विमल चौधरी ने अदालत को कहा कि शहर में अतिक्रमण हटाया जा रहा है, लेकिन मोतीडूंगरी रोड पर अब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आरंभ नहीं हुई। बीच सड़क धार्मिक स्थल भी बने हुए हैं। इसके अलावा म्यूजियम रोड पर भारी वाहनों को रोकने के लिए लगाया गया बेरिकेड टूट गया है।
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निगम ने दिया ये जवाब
इसका जवाब देते हुए नगर निगम की ओर से कहा गया कि बेरिकेड ठीक करने के लिए टेंडर दिए गए हैं। जल्दी ही इसे रिपेयर कर दिया जाएगा। इस पर अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति विजिट के दौरान बिना टेंडर कैसे काम हो जाते हैं।
वहीं अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि 5 अगस्त 2015 को दिए आदेश की पालना में मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के पीछे स्थित गणेश नगर की खाली जमीन में फैंसिंग नहीं हुई है और ना ही शौचालय बने हैं।
इस पर अदालत ने निगम को 21 फरवरी तक शपथ पत्र पेश कर बताने को कहा है कि अदालती आदेश की पालना में क्या कार्रवाई की गई।
वहीं अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि 5 अगस्त 2015 को दिए आदेश की पालना में मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के पीछे स्थित गणेश नगर की खाली जमीन में फैंसिंग नहीं हुई है और ना ही शौचालय बने हैं।
इस पर अदालत ने निगम को 21 फरवरी तक शपथ पत्र पेश कर बताने को कहा है कि अदालती आदेश की पालना में क्या कार्रवाई की गई।