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राजस्थान में BJP प्रदेशाध्यक्ष को जारी हुआ अवमानना नोटिस, ये है कारण
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 15 Jan 2018 06:56 PM IST
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अशोक परनामी
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राजस्थान हाईकोर्ट ने पार्क की जमीन का दूसरा उपयोग नहीं करने के आदेश देने के बावजूद इस जमीन को पार्किंग के तौर पर उपयोग करने के संबंध में विवादित बयान देने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और विधायक अशोक परनामी को आपराधिक अवमानना नोटिस जारी किए हैं।
न्यायाधीश केएस झावेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश पूनम चंद भंडारी की ओर से दायर आपराधिक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट में समय-समय पर पार्क और ग्रीन बेल्ट की जमीन को बचाने के संबंध में आदेश दिए हैं। मास्टर प्लान के संबंध में हाईकोर्ट की मुख्यपीठ ने गत वर्ष सुनवाई करते हुए पार्क की जमीन को बचाने के आदेश दिए थे।
इसके बावजूद भी आदर्श नगर विधायक अशोक परनामी ने जवाहर नगर सेक्टर 4 में पार्क की जमीन पर पार्किंग विकसित करने के संबंध में अपनी स्वीकृति दी। परनामी ने गत 17 नवंबर को स्थानीय लोगों को कहा कि हाईकोर्ट से स्टे होने के कारण सरकार पार्क में पार्किंग निर्माण नहीं कर सकती है, लेकिन स्थानीय लोग ऐसा करते हैं तो हम आंखें बंद कर लेंगे।
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न्यायाधीश केएस झावेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश पूनम चंद भंडारी की ओर से दायर आपराधिक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट में समय-समय पर पार्क और ग्रीन बेल्ट की जमीन को बचाने के संबंध में आदेश दिए हैं। मास्टर प्लान के संबंध में हाईकोर्ट की मुख्यपीठ ने गत वर्ष सुनवाई करते हुए पार्क की जमीन को बचाने के आदेश दिए थे।
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इसके बावजूद भी आदर्श नगर विधायक अशोक परनामी ने जवाहर नगर सेक्टर 4 में पार्क की जमीन पर पार्किंग विकसित करने के संबंध में अपनी स्वीकृति दी। परनामी ने गत 17 नवंबर को स्थानीय लोगों को कहा कि हाईकोर्ट से स्टे होने के कारण सरकार पार्क में पार्किंग निर्माण नहीं कर सकती है, लेकिन स्थानीय लोग ऐसा करते हैं तो हम आंखें बंद कर लेंगे।
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याचिका में ये भी कहा गया
demo pic
- फोटो : amar ujala
याचिका में कहा गया कि यह बयान न केवल न्यायपालिका की साख गिराने वाला है, बल्कि इससे आमजन के समक्ष न्यायपालिका की प्रतिष्ठा धूमिल होती है। याचिका में कहा गया कि विधायक के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आरंभ करने से पूर्व महाधिवक्ता को पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी।
इसके बावजूद महाधिवक्ता की ओर से कार्रवाई की अनुमति नहीं की गई। याचिका में गुहार की गई है की अशोक परनामी के खिलाफ अदालती अवमानना की कार्रवाई की जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने विधायक अशोक परनामी को अवमानना नोटिस जारी कर 22 फरवरी तक जवाब तलब किया है।
इसके बावजूद महाधिवक्ता की ओर से कार्रवाई की अनुमति नहीं की गई। याचिका में गुहार की गई है की अशोक परनामी के खिलाफ अदालती अवमानना की कार्रवाई की जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने विधायक अशोक परनामी को अवमानना नोटिस जारी कर 22 फरवरी तक जवाब तलब किया है।