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प्रतिनियुक्ति पर लगे चालकों से सौतेला व्यवहार क्यों-हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 02 Dec 2017 08:14 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रमुख परिवहन सचिव, जेसीटीएसएल एमडी और आरएसआरटीसी एमडी को नोटिस जारी कर पूछा है कि प्रतिनियुक्ति पर लगे याचिकाकर्ता चालकों से सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश मुकेश कुमार गुर्जर व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि जेसीटीएसएल की वर्ष 2012 में निकली चालक भर्ती में याचिकाकर्ताओं का चयन हुआ था। याचिकाकर्ताओं की ओर से दो साल का प्रोबेशन पीरियड भी पूरा किया गया। वहीं जेसीटीएसएल की ओर से भर्ती की शर्तो के विपरीत जाकर अनिश्चितकाल के लिए आरएसआरटीसी में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया। यहां वह तीन साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें बिना अवकाश व भत्तों के 12 से 14 घंटे काम कराया जा रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश मुकेश कुमार गुर्जर व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि जेसीटीएसएल की वर्ष 2012 में निकली चालक भर्ती में याचिकाकर्ताओं का चयन हुआ था। याचिकाकर्ताओं की ओर से दो साल का प्रोबेशन पीरियड भी पूरा किया गया। वहीं जेसीटीएसएल की ओर से भर्ती की शर्तो के विपरीत जाकर अनिश्चितकाल के लिए आरएसआरटीसी में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया। यहां वह तीन साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं।
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याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें बिना अवकाश व भत्तों के 12 से 14 घंटे काम कराया जा रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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