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मौसमी बीमारियों को महामारी बनने से रोकने के लिए क्या कर रही है सरकार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 18 Nov 2017 07:24 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वाइन फ्लू और डेगूं सहित अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम नहीं होने के चलते होने वाली मौतों के संबंध में प्रमुख यूडीएच सचिव, प्रमुख स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य निदेशक और बूंदी कलक्टर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना और न्यायाधीश केसी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश लोकेश ठाकुर की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता अश्विनी चौबीसा ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार और स्थानीय निकाय की ओर से मौसमी बीमारियों को लेकर किसी तरह के सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए जाते। जिसके चलते स्वाइन फ्लू, डेगूं और स्क्रब टाइफस जैसी मौसमी बीमारियां महामारी का रूप ले लेती हैं। इसके अलावा उचित इलाज के अभाव में मौतों की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। यदि सरकार शुरुआत में ही सुरक्षात्मक कदम उठाकर नियमित फोगिंग और सफाई आदि कराएं तो इन बीमारियों पर नियत्रंण किया जा रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश वीएस सिराधना और न्यायाधीश केसी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश लोकेश ठाकुर की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता अश्विनी चौबीसा ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार और स्थानीय निकाय की ओर से मौसमी बीमारियों को लेकर किसी तरह के सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए जाते। जिसके चलते स्वाइन फ्लू, डेगूं और स्क्रब टाइफस जैसी मौसमी बीमारियां महामारी का रूप ले लेती हैं। इसके अलावा उचित इलाज के अभाव में मौतों की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। यदि सरकार शुरुआत में ही सुरक्षात्मक कदम उठाकर नियमित फोगिंग और सफाई आदि कराएं तो इन बीमारियों पर नियत्रंण किया जा रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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