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फर्जी दस्तावेजों से बीएड और शिक्षा शास्त्री कोर्स की मान्यता लेने वालों को सजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 08 Nov 2017 07:29 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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सीबीआई मामालों की विशेष एसीजेएम अदालत ने फर्जी दस्तावेजों से बीएड और शिक्षा शास्त्री कोर्स की मान्यता लेने के मामले में सामुदायिक शिक्षा प्रसार समिति के तत्कालीन अध्यक्ष पंकज चौधरी, सचिव यशौदा चौधरी, सह-सचिव श्रीनिवास और सदस्य गिरिश शर्मा को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही, अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
मामला राजस्थान से जुड़ा हुआ है। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि अभियुक्तों ने वर्ष 2007 में बडी सादडी में श्रीनाथ टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज का संचालन किया था। अभियुक्तों ने एनसीटीई से मान्यता लेने के लिए जमीन का फर्जी बेचाननामा सहित अन्य झूठे शपथ पत्र दिए थे। प्रकरण में सीबीआई ने वर्ष 2009 में प्राथमिकी दर्ज कर अभियुक्तों के खिलाफ मई 2013 में आरोप पत्र पेश किया था।
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मामला राजस्थान से जुड़ा हुआ है। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि अभियुक्तों ने वर्ष 2007 में बडी सादडी में श्रीनाथ टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज का संचालन किया था। अभियुक्तों ने एनसीटीई से मान्यता लेने के लिए जमीन का फर्जी बेचाननामा सहित अन्य झूठे शपथ पत्र दिए थे। प्रकरण में सीबीआई ने वर्ष 2009 में प्राथमिकी दर्ज कर अभियुक्तों के खिलाफ मई 2013 में आरोप पत्र पेश किया था।
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