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बांग्लादेश की सब्जियों में लगता है यहां के लाल प्याज का तड़का, जानिए क्यों

Fri, 17 Nov 2017 04:54 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 17 Nov 2017 04:54 PM IST
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Export to Bangladesh is the Red Onion, know why
अलवर मंडी में प्याज की आवक - फोटो : amar ujala
लाल प्याज के नाम से मशहूर है यहां का प्याज। भाव अच्छे होने के कारण अब किसानों के चेहरे पर खुशी झलक रही है। इस प्याज की खासियत ये है कि इसका सफर प्रदेश से शुरू होकर बांग्लादेश तक जाता है।
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यहां बात हो रही है अलवर के प्याज की। प्याज मंडी में प्याज के थोक भाव 30 रुपए किलो तक पहुंच जाने से अब किसानों को फायदा मिल रहा है। इससे किसान भी खासे खुश हैं। अलवर प्याज मंडी के अध्यक्ष अभय सैनी उर्फ पप्पू ने बताया कि अलवर की प्याज को खैरथल की प्याज के नाम से जाना जाता है। अलवर का प्याज देश के कई प्रांतों सहित बांग्लादेश और नेपाल तक पहुंच रहा है। पहले ये पाकिस्तान भी जाता था। उन्होंने बताया कि दिल्ली के व्यापारी बांग्लादेश और नेपाल के बॉर्डर तक इस प्याज को पहुंचाते हैं और वहां से बांग्लादेश और नेपाल के व्यापारियों को सुपुर्द कर दिया जाता है।
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एक अनुमान के मुताबिक अलवर में 10 करोड़ किलो प्याज के उत्पादन की संभावना है। अलवर में मुख्य रूप से प्याज की मुख्य मंडी अलवर खैरथल में है। अलवर के प्याज की गुणवत्ता को देखते हुए अन्य प्रांतों में बढ़ती मांग के बाद अब अलवर के हर हिस्से में प्याज का उत्पादन किया जाता है। प्याज मंडी के अध्यक्ष अभय सैनी ने बताया कि किसान बीज विक्रेताओं के कारण अपने आप को ठगा जाता है। ऐसे में सरकार को प्याज का बीज सर्टिफाइड कर कर देना चाहिए।
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सर्दी में इकलौता प्याज उत्पादक है ये जिला

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अलवर मंडी में प्याज की आवक - फोटो : amar ujala
प्याज उत्पादक किसान साहड़ोली गांव निवासी गफूर खान ने बताया कि उसने डेढ़ बीघा में प्याज बोया था जिसमें 60 कट्टा प्याज हुआ है। एक कट्टे में करीब 50 किलो प्याज आता है। अलवर में इस बार करीब 13000 हेक्टेयर भूमि में प्याज की बुवाई हुई है। किसानों के मुताबिक देश का अलवर ही एक ऐसा इलाका है जहां सर्दी के मौसम में प्याज का उत्पादन और निर्यात होता है। इसके पीछे कारण इसका जल्दी खराब नहीं होना है।

जुलाई-अगस्त माह में इसकी बुवाई की जाती है जिसकी फसल नवंबर में शुरू हो जाती है। एक बीघा प्याज को तैयार करने में करीब 25 से 30 हजार रुपए की लागत आती है और उसका ये प्याज करीब 50000 रुपए तक बिक जाता है।
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