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आपातकाल के बंदियों को मिला 'लोकतंत्र सेनानी' का दर्जा, अधिसूचना जारी

Mon, 01 Jan 2018 06:54 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Mon, 01 Jan 2018 06:54 PM IST
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emergency prisoners misa and dir bandi now get the status of lloktantra senani in rajasthan
Emergency 1975 - फोटो : File Photo
देश में आपातकाल के दौरान राजीतिक या सामाजिक कारणों से जेलों में बंद रहे नेताओं को राजस्थान में लोकतंत्र सेनानी का दर्जा मिलेगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। 
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राज्य सरकार ने इस संबंध में पिछले दिनों केबिनेट की बैठक में निर्णय लिया था। इसके बाद अब इसकी अधिसूचना जारी की गई है। इन लोकतंत्र सेनानियों को संबंधित जिला कलक्टर की ओर से पहचान पत्र जारी किए जाएंगे तथा उन्हें राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी और 15 अगस्त को आयोजित कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाएगा। दरअसल, बंदी शब्द जुड़ा होने से इनको पेंशन देने में कानूनी अड़चन आती है, इसके चलते कांग्रेस शासन के दौरान इनकी पेंशन बंद कर दी थी। 
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देश में 26 जून 1975 को आपातकाल लगने से लेकर 1977 के दौरान मेंटीनेंस ऑफ इंटर्नल सिक्योरिटी एक्ट (मीसा) और डिफ़ेंस ऑफ इंडिया रूल्स (डीआईआर) के तहत बड़ी संख्या में नेताओं को जेल हुई थी। इन्हे मीसा बंदी एवं डीआरडी बंदी के तौर पर जाना जाता है।   
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इन नेताओं में अधिकांश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनसंघ से जुड़े रहे हैं। कुछ वामपंथी नेता भी उस समय जेल गए थे। मीसा और डीआईआर बंदियों की पेंशन का मामला विवादों में रहा है। कई राज्य पहले ही इनका नाम बदल चुकेे है। 
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