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हड़ताली डॉक्टरों से बातचीत के लिए किसी गुप्त स्थान पर गए दो मंत्री
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 26 Dec 2017 04:54 PM IST
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है! भगवान
- फोटो : Amar Ujala
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हड़ताल पर गए सेवारत डॉक्टरों पर सरकार और हाईकोर्ट द्वारा दिखाई जा रही सख्ती का असर दिखाई दे रहा है। राजस्थान में हड़ताल से अस्पतालों में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं और मरीज बेहाल हैं।
सूत्रों के अनुसार हड़ताल खत्म करने को लेकर डॉक्टर गुप्त जगहों पर बैठक कर रहे हैं, वहीं जानकारी ये भी मिली हैं कि प्रदेश के दो मंत्री हड़ताली डॉक्टरों से मुलाकात करने के लिए किसी गुप्त स्थाप पर पहुंचे हैं। इनमें पीडब्ल्यूडी मंत्री युनुस खान, चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी शामिल हैं।
माना जा रहा है कि अब हड़ताल किसी भी वक्त खत्म हो सकती है। इधर डॉक्टरों की हड़ताल तुड़वाने के लिए राजस्थान के परिवहन मंत्री को तक को बीच में आना पड़ा है।
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सूत्रों के अनुसार हड़ताल खत्म करने को लेकर डॉक्टर गुप्त जगहों पर बैठक कर रहे हैं, वहीं जानकारी ये भी मिली हैं कि प्रदेश के दो मंत्री हड़ताली डॉक्टरों से मुलाकात करने के लिए किसी गुप्त स्थाप पर पहुंचे हैं। इनमें पीडब्ल्यूडी मंत्री युनुस खान, चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी शामिल हैं।
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माना जा रहा है कि अब हड़ताल किसी भी वक्त खत्म हो सकती है। इधर डॉक्टरों की हड़ताल तुड़वाने के लिए राजस्थान के परिवहन मंत्री को तक को बीच में आना पड़ा है।
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डॉक्टर अड़े तो फिर शुरू हो सकती हैं गिरफ्तारियां
एक अस्पताल में बिना डॉक्टर के खाली पड़ी कुर्सी
- फोटो : Amar Ujala
परिवहन मंत्री युनुस खान ने कहा है कि सरकार डॉक्टरों की अधिकतम मांगों को मानने पर अपनी सहमति जता चुकी है। फिर भी यदि डॉक्टर्स काम पर नहीं लौटते हैं, तो अब बुधवार से उनको गिरफ्तार करने की कवायद फिर से शुरू कर दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार यदि आज सरकार और डॉक्टरों के बीच वार्ता सफल रही तो आज शाम तक ही वो हड़ताल समाप्त करने के बाद अस्पतालों की ओर लौट सकते हैं। डॉक्टरों के काम पर लौटने से सबसे ज्यादा राहत मरीजों को ही मिलने वाली है, क्योंकि राजस्थान में चिकित्सा व्यवस्था लगभग दम तोड़ती दिखाई दे रही है।
हालात ऐसे हो चुके हैं कि प्रदेश के कई जिलों में स्थित सरकारी अस्पतालों में तो मरीजों को भर्ती ही नहीं किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार यदि आज सरकार और डॉक्टरों के बीच वार्ता सफल रही तो आज शाम तक ही वो हड़ताल समाप्त करने के बाद अस्पतालों की ओर लौट सकते हैं। डॉक्टरों के काम पर लौटने से सबसे ज्यादा राहत मरीजों को ही मिलने वाली है, क्योंकि राजस्थान में चिकित्सा व्यवस्था लगभग दम तोड़ती दिखाई दे रही है।
हालात ऐसे हो चुके हैं कि प्रदेश के कई जिलों में स्थित सरकारी अस्पतालों में तो मरीजों को भर्ती ही नहीं किया जा रहा है।