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एकल पारी और ग्रेड पे पर नहीं बन पा रही सहमति, गतिरोध जारी

Sun, 12 Nov 2017 05:21 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 12 Nov 2017 05:21 PM IST
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doctors strike in rajasthan: talks between doctors and government on Sunday
जयपुर के कांवटिया अस्पताल में लगाए गए अतिरिक्त बैड - फोटो : Amar Ujala
राजस्थान में 7 दिन से जारी सरकारी अस्पतालों में सेवारत डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो सकती है। सचिवालय में राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रतिनिधिमंडल और राज्य सरकार के बीच बातचीत चल रही है। पहले दौर की बातचीत के दौरान सहमति नहीं बन पाई।
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दो घंटे की बातचीत के बाद राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अजय चौधरी ने सरकार के अड़ियल रवैये को लेकर नाराजगी जताई। चौधरी ने कहा कि एकल पारी पर फैसला मुख्यमंत्री छोड़ने की बात कही, लेकिन इस पर किसी तरह की सहमति नहीं बन पाई। चिकित्सकों का कहना था कि एक महीने का समय दिया जाए, उसके बाद परिणाम देखते हुए जो भी फैसला होगा मान्य होगा। वहीं दूसरी तरफ ग्रेड पे को लेकर बना हुआ अवरोध बैठक के बाद भी जारी रहा। चिकित्सकों ने सरकार से बैठक के बाद निकलने के लिए ग्रीन कोरिडोर दिए जाने की बात भी कही।
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इस बैठक में राज्य सरकार की ओर से चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और चिकित्सा विभाग के आला अधिकारी मौजूद है। उधर, राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अजय चौधरी समेत पांच पदाधिकारी मौजूद है। 
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इससे पहले शनिवार को मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में राजस्थान के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ.अजय चौधरी ने इस वार्ता के संकेत दे दिए थे। बातचीत के लिए सरकार की ओर से बुलाए जाने के पर डॉ.चौधरी ने रविवार दोपहर दो बजे अपना प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए भेजने का भरोसा दिलाया । 
 

धरपकड़ के लिए दबिश

doctors strike in rajasthan: talks between doctors and government on Sunday
कांवटिया अस्पताल जयपुर - फोटो : Amar Ujala
गौरतलब है कि सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल को आज 7वां दिन है। इस हड़ताल के कारण अस्पतालों की व्यवस्थाएं बुरी तरह चरामरा गई और अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है। सरकार ने भी हड़ताली डॉक्टरों पर शिकंजा कसते हुए रेस्मा लागू किया है और ड्यूटी पर नहीं आने वाले डॉक्टरों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही हैं। इसके तहत बीकानेर में एक साथ 265 ​हड़ताली डॉक्टरों के विरुद्ध नामजद मामले दर्ज किए गए हैं। अजमेर, कोटा, जयपुर समेत अनेक स्थानों पर डॉक्टर अपने घर छोड़कर भूमिगत हो गए हैं। 
 

इन विकल्पों के जरिए मरीजों को राहत देने की कोशिश

doctors strike in rajasthan: talks between doctors and government on Sunday
एक अस्पताल में डॉक्टर के इंतजार में बैठे मरीज - फोटो : Amar Ujala
सेवारत चिकित्सकों की अनुपस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थायें की गई है। चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि सेवारत चिकित्सकों के अनुपस्थित रहने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राजकीय चिकित्सा संस्थानों में आमजन को उपलब्ध कराई जाने वाली चिकित्सा व्यवस्थाओं को नियमित बनाये रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं जारी है।

सेवारत चिकित्सकों की अनुपस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सेना, रेलवे, बीएसएफ, सीजीएचएस एवं भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सूचीबद्ध निजी चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराने के साथ ही आयुष चिकित्सकों की राजकीय चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं ली जा रही है। 

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि शनिवार को कई जिलों में सेवारत चिकित्सकों ने कार्यभार ग्रहण कर नियमित सेवायें प्रदान की है। इनके साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, शहरी स्वास्थ्य मिषन, एनसीडी तथा अर्जेन्ट टेम्परेरी बेसिस पर कार्यरत चिकित्सकों ने राजकीय चिकित्सा संस्थानों में जाकर कार्यभार संभाला। 
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