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राजस्थान में डॉक्टर हड़ताल खत्म, मरीजों को सात दिन बाद मिलेगी राहत

Sun, 12 Nov 2017 11:43 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 12 Nov 2017 11:43 PM IST
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Doctor's strike ends in Rajasthan after 7 days
हड़ताल खत्म होने के बाद कमरे से बाहर आते चिकित्सक संघ पदाधिकारी - फोटो : amar ujala
राजस्थान में सात दिन से चल रही सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल आज रात को समाप्त हो गई है। डॉक्टर कल से ड्यूटी पर लौटेंगे। 
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सचिवालय में आज दोपहर दो बजे शुरू हुई वार्ता रात करीब 8:30 बजे तक चली।  इस दौरान 33 सूत्रीय मांगों के एक-एक बिंदु पर दोनों पक्षों के बीच विचार हुआ। इसके बाद समझौते के ड्राफ्ट पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए। 

इससे पहले शाम करीब पांच डॉ. चौधरी और उनके साथी सरकार के साथ चल रही बातचीत को बीच में छोड़कर एक बार बाहर आ गए थे। उन्होंने मंत्री और अफसरों पर डॉक्टरों की मांगों को लेकर अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ना चाहती। दरअसल, उस वक्त रेजीडेंट डॉक्टर्स की मांगों, ग्रेड पे, एरियर और एकल पारी में ड्यूटी की मांग पर गतिरोध बना हुआ था। 
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रात करीब साढ़े आठ बजे सेवारत चिकित्सकों की मांगों पर सहमति बन गई। इसके बाद सेवारत डॉक्टर्स का प्रतिनिधिमंडल वार्ता से बाहर आए और रेजीडेंट डॉक्टर्स के प्रतिनिधिमंडल को बुलवाया। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे वार्ता फिर से शुरू हुई। इसके बाद रेजीडेंट डॉक्टर्स के मांग पत्र पर विचार हुआ। रात करीब 11:30 बजे हड़ताल समाप्त करने की औपचारिक घोषणा हुई।
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दो दर्जन से ज्यादा की हो चुकी हैं मौतें

Doctor's strike ends in Rajasthan after 7 days
जयपुर के एक सरकारी अस्पताल में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी - फोटो : Amar Ujala
राजस्थान में ​33 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकारी डॉक्टर छह नवंबर से हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई थी। इस हड़ताल के चलते समय पर इलाज नहीं मिलने से प्रदेशभर में दो दर्जन से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी हैं। 

बेपटरी चिकित्सा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक बार सेवारत चिकित्सक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के प्रयास हुए, लेकिन सरकार के साथ वार्ता विफल हुई। इसके बाद सरकार ने धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों पर दबाव बनाने के लिए रेस्मा लागू किया और आंदोलनकारी चिकित्सकों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। कुछ चिकित्सकों को अरेस्ट भी किया गया।    
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